Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aastha ka karobar by Jitendra Kabir

 आस्था का कारोबार इस देश में चलता है लोगों की भक्ति और आस्था पर बहुत से सिनेमा बनाने वालों का …


 आस्था का कारोबार

Aastha ka karobar by Jitendra Kabir

इस देश में चलता है

लोगों की भक्ति और आस्था पर

बहुत से सिनेमा बनाने वालों का कारोबार,

सनसनी फैलाने व लोगों को अपनी तरफ

आकर्षित करने के लिए वो

मनघड़ंत अंधविश्वासों का चौबीस घंटे

करते हैं जमकर प्रचार,

‘टीआरपी’ और सस्ती लोकप्रियता की

अंधी दौड़ में

कुंद कर रहे हैं ऐसे लोग तार्किकता,

ऐतिहासिकता, यहां तक कि आध्यात्मिकता

की भी धार।

मनमाने ढंग से लिखे गये पौराणिक 

व ऐतिहासिक किरदारों को 

तकनीकी दक्षता के साथ मिलाकर

पैदा कर देते हैं वो ऐसा प्रभाव

कि बच्चे तो बच्चे बहुत से पढ़े लिखे लोग भी

उसी को सच मानने को हो जाते हैं तैयार,

अब आप सोचिए

सिनेमा को ही सत्य मानने वाली पीढ़ी में

किस तरह से होगा सही ज्ञान का प्रसार,

दर-असल लोगों के लिए जो है

भक्ति और आस्था का आधार

वही ऐसे लोगों के लिए खूब पैसा देने वाला

शुद्ध व्यापार।

                                      जितेन्द्र ‘कबीर’
                                      
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 27, 2021

अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. -सचिन राणा “हीरो”

December 27, 2021

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. नये भारत में विद्यालय जब से स्कूल हो गये… परेशान हैं अभिभावक मगर बच्चे कूल हो

बीती रात हो गई भोर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

बीती रात हो गई भोर अंतर्मन की पूर्ण कामना, बिना तुम्हारे सभी अधूरे,एहसास हमारा अपना है,एकाकीपन जीवन अपना।। सानिध्य तुम्हारा

मर्जी उसकी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

मर्जी उसकी पंख लगा उड़ने की इच्छा , मानव मन भी कर लेता है ,आशा और जिज्ञासा लेकर ,दूर गगन

परेशान होने की जरूरत नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

परेशान होने की जरूरत नहीं दिन – प्रतिदिन बढ़ती खाद्य पदार्थों की महंगाई से जनता कोजरूरत नहीं है परेशान होने

Leave a Comment