Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aashkti me nasht huaa kul by Anita Sharma

आसक्ति में नष्ट हुआ कुल, आसक्ति में नष्ट हुआ कुल, हाँ कौरवों का नाश हुआ। ** नहीं ग़लत दुर्योधन भ्राता …


आसक्ति में नष्ट हुआ कुल,

Aashkti me nasht huaa kul by Anita Sharma

आसक्ति में नष्ट हुआ कुल,

हाँ कौरवों का नाश हुआ।

**

नहीं ग़लत दुर्योधन भ्राता थे,

गलत संस्कार-परवरिश थी।

**

धृतराष्ट्र का सिंघासन मोह,

हस्तांतरण पुत्रो में हुआ।

**

धृतराष्ट्र तो नेत्रहीन थे,

माता गान्धारी माँ न बन पाई।

**

अर्धांगनी ही बनना था तो,

पुत्रों को क्यों जन्म दिया?

**

संस्कार और मर्यादा माँ सिखलाती।

कहाँ गलत थे सौ कौरव पुत्र?

**

जब जननी ही ने न देखा।

महाभारत के दोषी कौन थे?

**

दुर्योधन-और भ्राता कौरव?

या आसक्त सिंघासन के धृतराष्ट्र?

**

या अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ने

वाली ,आँखों पर पट्टी बांधने वाली माँ??

**

कितने प्रश्नों के उत्तर उलझे हैं?

कहाँ विनाशलीला अंकुर फूटा ?

**

किस आसक्ति के मोहपाश में,

महाभारत इतिहास लिखा।

——अनिता शर्मा झाँसी

——मौलिक रचना


Related Posts

तर्क या कुतर्क- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

तर्क या कुतर्क जंग के समर्थन मेंकिसी के तर्कमुझे तब तक स्वीकार नहींजब तक वो खुद सपरिवारउस जंग में कूद

मौत की विजय- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत की विजय दुनिया के सभी युद्धों मेंपराजय जीवन कीऔर विजय मौत की होती है,शक्तिशाली होने का भ्रमपाले बैठा है

जनता जाए भाड़ में- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

जनता जाए भाड़ में देशभक्ति की आड़ मेंकुछ लोगों ने अपने लिए जुटाईसारी सुख-सुविधाएं,बाकी बची जनता सब वस्तुओं परटैक्स भर-भरकरझोंकती

कितना विरोधाभास है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कितना विरोधाभास है? कितना विरोधाभास हैइंसान की फितरत में भी,अपनी हर मुसीबत मेंईश्वर का साथ पाने के लिएप्रार्थना करेगा भी

यह अवश्यंभावी है-जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

यह अवश्यंभावी है जिस समाज में कलाकारोंका समर्पणकला की उत्कृष्टता के लिए कमऔर उससे होने वालीकमाई व शोहरत पर ज्यादा

प्रचार से परे है सच्चाई- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रचार से परे है सच्चाई कानून के राज कीडींग हांकी जा रही है आजकल बहुत,लेकिन इस मामले मेंहत्या, बलात्कार, दबंगई

Leave a Comment