Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aapatkal kb aata hai by Rajesh shukla

आपातकाल, कब आता है..। जो बीत गया वो भूत काल है जो चल रहा वर्तमान काल है जो आएगा वो …


आपातकाल, कब आता है..।

Aapatkal kb aata hai by Rajesh shukla

जो बीत गया वो भूत काल है

जो चल रहा वर्तमान काल है

जो आएगा वो भविष्य काल है

जो कभी भी आ जाये वो आपातकाल है

ये हर कोई जानना चाहता होगा..

आपातकाल, कब आता है,

जब किसी घर में बहु, गर्भवती होती है

और सास कहती है..

बेटा ही होना चाहिए 

आपातकाल, तब आता है…।

जब बेटी की बारात द्वार पर होती है

और दूल्हे के रिश्तेदार कहते हैं..

लड़के के लिये कार चाहिए

आपातकाल, तब आता है…।

जब पुत्र विहीन परिवार में मुखिया 

की मृत्यु हो जाती है और

सवाल उठता है..

दाह संस्कार कौन करेगा

आपातकाल, तब आता है…।

जब सड़क पर किसी अबला की आबरू लूटी जाती है,

और सभ्य समाज के लोग 

मुंह फेरकर निकल जाते हैं..

आपातकाल, तब आता है…।

जब कोई राजनेता देश हित को छोड़कर 

अपनी कुर्सी बचाने के लिये

संविधान के विपरीत आचरण करता है

आपातकाल, तब आता है…।

जब कोई लेखक ,साहित्यकार,पत्रकार

अपनी कलम से 

सच को छुपाने का कृत्य करता है..

और

सामाजिक मर्यादाएं भंग होने लगती हैं

आपातकाल, तब आता है…।

***********

स्वरचित , लेखक : राजेश शुक्ला सोहागपुर जिला होशंगाबाद मध्यप्रदेश


Related Posts

माँ का आँचल- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -माँ का आँचल माँ एक बार फिर से मुझको,आँचल ओढ़ के सो जाने देबचपन की यादें ताज़ा हो जाएँ

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं दुनिया में लोगों ने पहलेअपनी – अपनी आस्था के अनुसारमंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारेऔर भी नाना

शीत लहर – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

शीत लहर है बड़ी शबाब परहाड़ कंपाने वालीअमीरों की कुछ नहै बिगाड़ने वालीगरीबों की झोपड़ीमें सनसनी फैलानेधाक जमाने वालीआहत करने

चाँद और मैं- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

चाँद और मैं अमावस की काली रातों मेंउलझी हुई कई बातों मेंन पूछ! किस तरहा रहते हैंचाँद और मैं एक

अंजान राहें!- अनिता शर्मा

January 25, 2022

अंजान राहें!! है अंजान राहें थमती नहींनित नये रास्ते मिलते ही जायें।जीवन डगर पर मुस्कान बिखेरीबढ़ते चले हैं बाधाओं से

स्वतंत्रत विचार- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

स्वतंत्रत विचार एक टूटता हुआ तारा!!असमान में बिखरे तारेकितने सुन्दर कितने प्यारे। अपलक रोज निहारा करतीसहसा टूटा एक तारा…अनायास ही

Leave a Comment