Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aao sb milkar de hindi ko badhawa by Jitendra Kabir

 आओ मिलकर सब दें हिन्दी भाषा को बढ़ावा जिस तरह प्रेम करते हैं हम अपनी मां और मातृभूमि से, मातृभाषा …


 आओ मिलकर सब दें हिन्दी भाषा को बढ़ावा

Aao sb milkar de hindi ko badhawa by Jitendra Kabir

जिस तरह प्रेम करते हैं हम अपनी मां और मातृभूमि से,

मातृभाषा से भी हमारा प्रेम किसी से छिपा-छिपाया नहीं,

शर्मिंदगी महसूस करता हो जो इसे बोलने,पढ़ने, लिखने में

वो तो हमारी नजर में अपनी मां का भी जाया नहीं।

हमारे बोलने-समझने की शक्ति विकसित हुई है

इसी भाषा के श्रवण-मनन से

दूसरी किसी भाषा ने हमें यह सब सिखाया ही नहीं,

हमारी भावनाओं की सरिता बहती हिन्दी भाषा में है

और किसी भाषा में हमें ज्यादा कुछ कहना आया ही नहीं।

संसार में हर राष्ट्र करता है अपनी भाषा पर गर्व

लेकिन अभी तक अपने देश में ऐसा रिवाज आया नहीं,

विदेशी भाषा बोलने वालों को मिलता है सम्मान यहां

लेकिन हिन्दी भाषियों ने किन्हीं खास दिवसों के अलावा

ज्यादा आदर-सम्मान अपने देश में कभी पाया ही नहीं।

मातृभाषा उन्नति करती है जब किसी देश की 

तो करता है उन्नति साथ-साथ वो देश भी,

अपनी मातृभाषा को संरक्षण व बढ़ावा दिए बिना 

किसी भी देश ने विश्व-पटल पर नाम अपना चमकाया नहीं,

तो आओ हम सब मिलकर अपने आचार व्यवहार में दें

हिन्दी भाषा को जमकर बढ़ावा

क्योंकि यह कदम व्यापक स्तर पर किसी और ने

अब तक उठाया नहीं।

                                                        जितेन्द्र ‘कबीर’

                                                        

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

क्या गवायां हैं आज

February 7, 2022

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

February 7, 2022

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

February 7, 2022

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश

Leave a Comment