Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aajkal ke vidwan by Jitendra Kabir

 आजकल के विद्वान इतिहास के नाम पर जिन लोगों ने पढ़ी किसी विशेष धर्म और विचारधारा की केवल ‘प्रचार सामग्री’ …


 आजकल के विद्वान

Aajkal ke vidwan by Jitendra Kabir

इतिहास के नाम पर जिन लोगों ने पढ़ी

किसी विशेष धर्म और विचारधारा की

केवल ‘प्रचार सामग्री’ ही,

व्याख्यान उनके ऐतिहासिक ज्ञान पर

सब जगह चर्चा में आते हैं

इतिहास को निष्पक्ष दृष्टि से देखने वाले

विद्वान आजकल कहां पूछे जाते हैं।

समाचारों के नाम जिन लोगों ने देखी-सुनी

भड़काऊ, भ्रामक और पैसों के लिए

बिक चुकी ‘पेड न्यूज’ ही,

वो लोग ही समसामयिक ज्ञान के 

ब्राण्ड एंबेसडर कहलाते हैं

समाचारों को निष्पक्षता से प्रस्तुत करने वाले

पत्रकार आजकल कहां देखे जाते हैं।

रिसर्च के नाम पर जिन लोगों ने खोजे

सोशल मीडिया पर किसी खास विचारधारा को

समर्थन करते ‘प्रोपेगंडा वीडियो’ ही,

कट्टर धर्मांध होने में वो लोग सबसे

पहले नंबर पर आते हैं

इंटरनेट की सच्ची-झूठी बातों पर यकीन करने

से पहले लोग आजकल अपना दिमाग

कहां लगाते हैं।

            जितेन्द्र ‘कबीर’                                      
संपर्क सूत्र – 7018558314
जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Ab aur na aise satao sanam

February 14, 2021

poem जब से तुझ से  जुड़ा  फूल सा खिल  गया  सूखे  मधुबन में जैसे   कँवल   खिल  गया अकेले  पन  में 

Achhe din

February 8, 2021

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित 

Sach pagli hme tumhi se pyar hai

February 8, 2021

 कविता जब देखता हूं जिधर  देखता हूं  दिख  जाती  हो मोटे मोटे किताबों के काले काले शब्दों में दिख जाती

Har vade par asha kiya na kro

February 8, 2021

 ग़ज़ल हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो पराधीन    होकर     जिया      ना     करो लगी है

Peele Peele phoolon me ab jakar gungunana hai

February 8, 2021

 ग़ज़ल पीले पीले फूलों में अब जाकर गुनगुनाना हैरोने वाले को हंसाना है सोने वाले को जगाना है समय के

Zindagi me mere aana tera

February 6, 2021

 ग़ज़ल  ज़िन्दगी में मेरे आना तेरा प्यार हर पल मेरा, निभाना तेरा भूल जाऊं मैं कैसे तुझको सनम प्यार गंगा

Leave a Comment