Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aaj ravan jalaya jayega by shiddharth gorakhpuri

 आज रावण जलाया जाएगा दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा। राम को अच्छा और रावण को बुरा बताया जाएगा। …


 आज रावण जलाया जाएगा

Aaj ravan jalaya jayega by shiddharth gorakhpuri

दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा।

राम को अच्छा और रावण को बुरा बताया जाएगा।

राम राम और राम का नाम ही होगा हर तरफ ,

राम की आड़ में अपने अंदर के रावण को छुपाया जाएगा।

दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा।

मर्यादित होकर राम बनना चाहता कौन है।

राम जैसे बनो प्यारे ,  ये कहता कौन है।

ये देख के अंदर का रावण, रह रह के मुस्कराएगा।

दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा।

राम निःसंदेह अच्छे थे ,पर अच्छाई का अनुसरण कहाँ है।

रावण को जलाया पर ,अंदर के रावण का मरण कहाँ है।

रावण को रावण अनगिनत सदियों तक बताया जाएगा।

दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा।

कितने लोगों ने प्रयास किया, कि वे भी कभी राम बने।

यदि थोड़ा सा कोई राम बने तो दुनिया का सारा काम बने।

कोई बताए की अंदर के रावण को कब जलाया जाएगा।

दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा।

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

खिड़की का खुला रुख

खिड़की का खुला रुख

September 12, 2025

मैं औरों जैसा नहीं हूँ आज भी खुला रखता हूँ अपने घर की खिड़की कि शायद कोई गोरैया आए यहाँ

सरकार का चरित्र

सरकार का चरित्र

September 8, 2025

एक ओर सरकार कहती है— स्वदेशी अपनाओ अपनेपन की राह पकड़ो पर दूसरी ओर कोर्ट की चौखट पर बैठी विदेशी

नम्रता और सुंदरता

नम्रता और सुंदरता

July 25, 2025

विषय- नम्रता और सुंदरता दो सखियाँ सुंदरता व नम्रता, बैठी इक दिन बाग़ में। सुंदरता को था अहम स्वयं पर,

कविता-जो अब भी साथ हैं

कविता-जो अब भी साथ हैं

July 13, 2025

परिवार के अन्य सदस्य या तो ‘बड़े आदमी’ बन गए हैं या फिर बन बैठे हैं स्वार्थ के पुजारी। तभी

कविता-सूखी लकड़ी की पुकार

कविता-सूखी लकड़ी की पुकार

July 10, 2025

मैं दर्द से तड़प रहा था — मेरे दोनों पैर कट चुके थे। तभी सूखी लकड़ी चीख पड़ी — इस

बुआ -भतीजी |kavita -bua bhatiji

बुआ -भतीजी |kavita -bua bhatiji

May 26, 2024

बुआ -भतीजी बात भले फर्ज़ी लगे, लेकिन इस में सच्चाई है। बुआ होती है भतीजी का आने वाला कल, और

Leave a Comment