Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aaj ke Raja-Mahraja by Jitendra Kabir

 आज के राजा – महाराजा पुराने समय में  राजा – महाराजा बांटा करते थे उनकी इच्छानुसार  मनोरंजन करने की एवज …


 आज के राजा – महाराजा

Aaj ke Raja-Mahraja by Jitendra Kabir

पुराने समय में 

राजा – महाराजा बांटा करते थे

उनकी इच्छानुसार 

मनोरंजन करने की एवज में

अपनी दरबारी नर्तकियों को

हीरे – जवाहरात, जमीन – जायदाद

जैसे ढेरों उपहार

राजा की विद्या, बुद्धि और

पराक्रम का बहुत ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर

व्याख्यान करने वाले चारणों 

एवं विदूषकों का भी

खूब किया जाता था मान – सम्मान,

दरबारियों, पदाधिकारियों

एवं रिश्तेदारो के बीच

राजा की नजर में

खुद को उसका शुभचिंतक और

दूसरों को दुश्मन साबित करने के

षड़यंत्रों की भी होती थी भरमार,

मुश्किल थी उस समय भी 

उन लोगों की जिंदगी

जिन्होंने जनता की भलाई के लिए

राजा की ज्यादतियों अथवा

तानाशाही का विरोध किया

अच्छी तरह जानते समझते हुए 

उसका परिणाम,

समय जरूर बदला है आज

लेकिन बदला नहीं

अपने राजनैतिक अथवा 

वैचारिक विरोधियों के प्रति

सत्ताधारियों का थोड़ा भी मिजाज,

नहीं बदले सत्ता के लालच में

किए जाने वाले षड़यंत्र

और न ही बदला सत्ताधीशों के

हर अच्छे बुरे कार्यों को 

ज्यादा से ज्यादा महिमा मंडित करके

मान – सम्मान हासिल करने का रिवाज,

पहले जो सुख – सुविधाएं भोगते थे

राजा – महाराजा,

शक्तियों का जो करते थे

निरंकुश इस्तेमाल,

आज के सत्ताधारी नेताओं की भी तो है

वैसी ही तानाशाही चाल।

जितेन्द्र ‘कबीर’

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति- अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

माशूका धरती- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

माशूका धरती मुहब्बत क्या होती हैपूछो वीर जवानों से कुर्वानियों की निशानेपूछो ये जमाने से बलिदानों की महकफिजाओं में फैल

उसका साथ हमेशा देना-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

 उसका साथ हमेशा देना कामयाबी के समय तो दुनिया साथ देती है,संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाएउसका साथ

पश्चाताप की अग्नि सुधीर श्रीवास्तव-

December 15, 2021

पश्चाताप की अग्नि स्तब्ध रह गया धरा गगन मौन हो गये जन के बोल, निष्ठुर ईश्वर तूने खेलाक्यों ऐसा अनचाहा

वीर जवान- डॉ इंदु कुमारी

December 15, 2021

वीर जवान धरती ने उपजाई हैफसलें अब तक जितने सबसे ऊपर है जिसमेंकहते हैं वो है कोहनूर अनमोल रत्नों में

सफलता के मंत्र – चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

।। सफलता के मंत्र ।। सफलता के मंत्रो को हमेगुनगुनाना है राहों के काटों से हँस कर गुजरजाना है संकल्प

ऐ नदी ऐ नदी- चन्दा नीता रावत

December 15, 2021

ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदी ऐ नदीकल कल करती बहती है किनारो पर तुम्हारे जिन्दगी बसा करती हैविशाल रूप

Leave a Comment