Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Aadhunik bhagwan kavita by Jitendra Kabir

 आधुनिक भगवान पौराणिक किस्से-कहानियों में पढ़ा-सुना था – भगवान सत्य बोलने वालों की परीक्षा कड़ी लिया करते थे, तो देखो …


 आधुनिक भगवान

Aadhunik bhagwan kavita by Jitendra Kabir

पौराणिक किस्से-कहानियों में

पढ़ा-सुना था –

भगवान सत्य बोलने वालों की

परीक्षा कड़ी लिया करते थे,

तो देखो जब

सत्यनिष्ठ किसी इंसान को

सरकार की आलोचना के बाद

झूठे केसों में बिना जमानत सालों तक

जेलों में सड़ते हुए,

निष्पक्ष खबरें छापने वाले किसी अखबार पर

सरकारी एजेंसियों के छापे पड़ते हुए,

सरकारी नीतियों के विरोध में

महीनों तक सड़कों पर पुलिस-प्रशासन की

ज्यादतियां किसी इंसान को सहन करते हुए,

तो समझ लेना

कि परीक्षा ली जा रही है उन सबकी 

सरकारों द्वारा 

आधुनिक काल के भगवान बनते हुए।

                                       जितेन्द्र ‘कबीर’

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति- अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Etana kaphi hai by Jitendra kabir

July 11, 2021

 इतना काफी है वो कहते हैं कि लिखने से तेरे क्रांति आ जाए इतना महान भी तू लेखक नहीं, मैं

कविता बोलती जिन्दगी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

July 11, 2021

बोलती जिंदगी बोलती जिंदगी, पूछती रह गई,कुछ तो बोल,मौन क्यो हो गये ?धर्म के नाम पर,कर्म के नाम पर,आज क्यों

Kavi devendra arya ki kavitayen

July 11, 2021

देवेन्द्र आर्य की कविताएं  1. कवि नहीं कविता बड़ी हो ——————————- इस तरह तू लिख कि लिख के कवि नहीं

Bas tujhko hi paya by pravin pathik

July 11, 2021

 ” बस,तुझको ही पाया है” खो दिया सब कुछ मैंने यूॅं बस, तुझको ही पाया है।        

geet daduron tum chup raho ab by shivam

July 3, 2021

– गीत दादुरों तुम चुप रहो अब ऐ किनारों, इन हिलोरों को तुम्हें सहना पड़ेगा।जिंदगी दिन- रात है, दिन रात

Kavita ek seema jaruri hai by jitendra kabir

July 3, 2021

 एक सीमा जरूरी है रिश्तों में अनुचित मांग पर एक बार जब हम झुक जाते हैं, तो आने वाले बहुत

Leave a Comment