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14 वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2022

आओ मिलकर मानवीय जीवन को सुगम बनाएं 14 वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2022 ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग से अनेक क्षेत्रों …


आओ मिलकर मानवीय जीवन को सुगम बनाएं 
14 वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2022

Kishan Bhavnani

ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग से अनेक क्षेत्रों में नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है 

वैश्विक विकास के लिए एक नए युग में उच्च गुणवत्ता वाले ब्रिक्स साझेदारी का को बढ़ावा देने का विषय सराहनीय है – एड किशन भावनानी 

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारतीयों की संस्कृति एता में अनेकता,एक और एक ग्यारह,एकता में ही बल है,मानवीय एकता सफलता की कुंजी है जैसे अनेक कहावतों में फिट बैठती है इसलिए भारत मिलजुल कर रहना, समूह में रहना, काम करना, वैश्विक स्तरपर मानवीय जीवन को अति सुलभ और सुगम बनाना, परेशानियों से मुक्त करना भारत का स्वभाव रहा है जिसके कारण आज भारत वैश्विक स्तरपर अनेक मंचों का सदस्य है और अपनी दमदारी सदस्यता, अपने वैचारिक बुद्धिमता, सहयोग, काम के आधार पर धमाकेदार उपस्थिति दर्ज करवाता रहा है इसी कड़ी में आज हम चीन की मेजबानी में 23-24 जून 2022 को हुए 14 वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की चर्चा इस आर्टिकल के माध्यम से करेंगे जो वर्चुअल माध्यम से हुआ और हमारे पीएम नें धमाकेदार उद्घाटन समारोह में संबोधित किया। 

साथियों बात अगर हम पीएम के संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार, उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर हम ब्रिक्स सदस्य देशों का नज़रिया काफी समान रहा है और इसलिए हमारा आपसी सहयोग वैश्विक पोस्ट-कोविड रिकवरी में उपयोगी योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तरपर कोरोना महामारी का प्रकोप पहले की तुलना में कम हुआ है लेकिन इसके अनेक दुष्प्रभाव अभी भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग से नागरिकों को लाभ हुआ है. ब्रिक्स यूथ समिट्स, ब्रिक्स स्पोर्ट्स, सिविल सोसाइटी संगठनों और थिंक-टैंक के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाकर, हमने अपने लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव को मजबूत किया है। ब्रिक्स सदस्यों का वैश्विक अर्थव्यवस्था के शासन के संबंध में एक समान दृष्टिकोण है। उन्होंने 24 जून को मेहमान देशों के साथ वैश्विक विकास पर उच्चस्तरीय संवाद में भी हिस्सा लिया। इस सम्मेलन के दौरान आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार समेत कई मुद्दे पर चर्चा हो रही हैं है। 

साथियों बात अगर हम भारत के समूह में काम करने की वैचारिकता के महत्व की करें तो इसे आसानी से समझने के लिए एक उदाहरण है कि हम अगर एक पत्थर एक पशु को मारते हैं तो वह भाग जाता है क्योंकि वह अकेला था और वही पत्थर मधुमक्खियों पर मारते हैं तो यह हमारे ऊपर हावी होगी़ क्योंकि वह समूह में है। ठीक उसी तरह हमारी सामाजिक, वैश्विक, ताकत समूह में है यही हमारी संस्कृति है कि हम एकता में, संयुक्त और संगठित रहना चुनते हैं क्योंकि यह वैश्विक स्तरपर सभी नागरिकों के जीवन की सफलता और सुरक्षा का राज है। 

साथियों बात अगर हम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2022 की करें तो, रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच ब्रिक्स का वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। इस बार 23-24 जून को आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी चीन ने किया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग, व्यापार, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को इसके एजेंडे में सबसे ऊपर रहा। वहीं ब्रिक्स के विस्तार को लेकर भी इस सम्मेलन में चर्चा किए। चीन ब्रिक्स का विस्तार करने के लिए इच्छुक है और रूस समूह में नए सदस्यों को शामिल करने की चीन की पहल का समर्थन करता है। इस बार यूक्रेन-रूस में जंग, वैश्विक आर्थिक संकट को देखते हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन काफी अहम माना जा रहा है।

साथियों सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक हुई। शिखर सम्मेलन से पहले चीन ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक सहित कई प्रारंभिक बैठकें की। भारत के एनएसए ने वीडियो लिंक के जरिए ब्रिक्स के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की बैठक में हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पांच देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने विचारों का आदान प्रदान किया और वैश्विक शासन को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नए खतरों एवं चुनौतियों का जवाब देने जैसे मुद्दों पर आम सहमति जताई थी। 

साथियों बात अगर हम ब्रिक्स 2022 के कार्यक्रम की रूपरेखा की करें तो पीआईबी के अनुसार 17 जनवरी 2022 को ब्रिक्स विज्ञान प्रौद्योगिकी संचालन समिति की 15 वीं बैठक हुई थी जिसमें 2022 की गतिविधियों पर चर्चा हुई थी और चर्चा के अनुसार भारत इस वर्ष 2022 में पांच कार्यक्रमों की मेजबानी करेगाI यह कार्यक्रम इस प्रकार हैं: ब्रिक्स स्टार्टअप्स फोरम की बैठक, ऊर्जा पर कार्य समूहों की बैठकें; जैव प्रौद्योगिकी और जैव चिकित्सा; सूचना संवाद प्रौद्योगिकी और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग; विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता भागीदारी कार्य समूह की बैठक और ब्रिक्स नवाचार लॉन्चपैड को माइक्रोसाइट (नॉलेज हब) के रूप में शुरू करना, वर्चुअली आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स विज्ञान प्रौद्योगिकी नवाचार गतिविधियों के कैलेंडर और अपेक्षित उपलब्धियों पर चर्चा की गई थी। भारत ने जनवरी 2022 से ब्रिक्स की अध्यक्षता सफलता पूर्वक चीन को सौंप दी थी। ब्रिक्स 2022 का विषय वैश्विक विकास के लिए एक नए युग में उच्च गुणवत्ता वाले ब्रिक्स साझेदारी को बढ़ावा देना है। 

साथियों बात अगर हम ब्रिक्स की करें तो यह दुनिया की पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के संगठन का एक नाम है। इस संगठन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ब्रिक्स के सदस्य अपने क्षेत्रीय मसलों पर अपने अहम प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। ब्रिक्स को दुनिया की अग्रणी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में जाना जाता है। ब्रिक्स शिखर सम्मलेन की अध्यक्षता हर साल इसके सदस्य राष्ट्रों की ओर से की जाती है, पांच देशों में से हर साल बदल-बदलकर इस सम्मेलन की मेजबानी करते हैं। इस बार वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है और इसकी मेजबारी चीन कर रहा है।

साथियों बात अगर हम ब्रिक्स के मकसद की करें तो यह संगठन एक बहुपक्षीय मंच है जिसमें दुनिया की पांच अहम उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। जिसमें दुनिया की जनसंख्या का 41 फीसदी, वैश्विक जीडीपी का करीब 24 फ़ीसदी और विश्व व्यापार में 16 फ़ीसदी भाग शामिल है। ब्रिक्स समिट में क्षेत्रीय मसलों के साथ वैश्विक मामलों पर भी चर्चा होती है। इसका अहम मकसद अलगअलग क्षेत्रों में सदस्य राष्ट्रों के बीच पारस्परिक लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाना है ताकि इनके विकास को गति मिल सके। जलवायु परिवर्तन, आतकंवाद, विश्व व्यापार, ऊर्जा, आर्थिक संकट जैसे मसलों पर चर्चा होती रही है। 

साथियों बात अगर ब्रिक्स की स्थापना की करें तो, इसकी ब्रिक्स की स्थापना जून 2006 में हुई थी। पहले इसमें चार देश शामिल थे जिससे इसका नाम ब्रिक था। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत और चीन शामिल थे। साल 2010 में इस संगठन में दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हो गया, जिसके बाद इस संगठन का नाम बदल गया। ये ब्रिक से बदलकर ब्रिक्स हो गया। साल 2009 में पहला ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित किया गया था। अभी इस संगठन के और विस्तार की भी चर्चा जोरों पर है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि आओ मिलकर मानवीय जीवन को सुलभ बनाएं।14 वा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2022 संपन्न हुआ। ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग से अनेक क्षेत्रों में नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है। वैश्विक विकास के लिए एक नए युग में उच्च गुणवत्ता वाले ब्रिक्स साझेदारी को बढ़ावा देने का विषय सराहनीय है। 

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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