Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

हौसलों की उड़ान। (Poem)

हौसलों की उड़ान। चलो भरे हौसले की उड़ान,पार करें हर इम्तिहान,खुद से वादा करकेकरें स्वयं की बात का सम्मान। हमारा …


हौसलों की उड़ान।

हौसलों की उड़ान। (Poem)

चलो भरे हौसले की उड़ान,
पार करें हर इम्तिहान,
खुद से वादा करके
करें स्वयं की बात का सम्मान।

हमारा है यह प्यारा सा जहान,
थम जाएगा यह भी एक तूफान,
कोशिश करके तो देखें,
हमारी जमी हमारा आसमान।

दो कदम में क्यों हुई हमें थकान,
जब छोड़ने हैं हमारे अनोखेपन के निशान,
अपने अंदर के वह हुनर को दिखाएं,
यह दुनिया भी देखकर हो जाए हैरान।

पूरे होंगे हमारे सारे अरमान,
भरेंगे हम स्वयं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान,
हर नेक चीज में बेहतरीन बनने की कोशिश हो,
लेते जाए संपूर्ण शिष्टाचार और ज्ञान।

चलो भरे हौसले की उड़ान,
पार करें हर इम्तिहान,
खुद से वादा करके
करें स्वयं की बात का सम्मान।

About author 

Dr Madhvi Borse

डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

बीती रात हो गई भोर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

बीती रात हो गई भोर अंतर्मन की पूर्ण कामना, बिना तुम्हारे सभी अधूरे,एहसास हमारा अपना है,एकाकीपन जीवन अपना।। सानिध्य तुम्हारा

मर्जी उसकी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र

December 27, 2021

मर्जी उसकी पंख लगा उड़ने की इच्छा , मानव मन भी कर लेता है ,आशा और जिज्ञासा लेकर ,दूर गगन

परेशान होने की जरूरत नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

परेशान होने की जरूरत नहीं दिन – प्रतिदिन बढ़ती खाद्य पदार्थों की महंगाई से जनता कोजरूरत नहीं है परेशान होने

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

Leave a Comment