Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kanchan chauhan, poem

होली के रंग | Holi ke rang

होली के रंग लाल गुलाबी नीले पीले,कई रंगों से रंगी हुई होली आई होली आई, धरती लग रही सजी धजीरंग …


होली के रंग

होली के रंग | Holi ke rang
लाल गुलाबी नीले पीले,कई रंगों से रंगी हुई

होली आई होली आई, धरती लग रही सजी धजी
रंग बिरंगे फूल और कलियां,बाग, बगीचे खिले हुए।
होली के रंगों के जैसे दिल सबके हैं मिले हुए।
आस-पास और गली गुवाड़ में, लोग रमे हैं रम्मत में।
बाजारों की रौनक देखो,कई गुणा है बढ़ी हुई।
ऐसे में कोई शिकवा गिला है, होलिका में दहन करो।
सब बीती बातों को भुलाकर, दिल से सब को माफ़ करो।
होली के रंगों के जैसे जीवन में सब रंग भरो।

–कंचन चौहान 

Related Posts

जीवनपथ – भारती चौधरी

November 7, 2021

 जीवनपथ उठा तर्जनी परप्राणी पर छिपा निज दुर्गुण किस पंथ रखा तनिक विचार किया स्वयं पर निज दायित्व किस स्कंध

बादल – चन्दा नीता रावत

November 7, 2021

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी

Barood par masoom by Anita sharma

November 7, 2021

बारूद पर मासूम नियति की गति बड़ी निराली देख अचरच होता है। खतरे का न इल्म इन्हें तो बारूद पर

गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु  की  दुआ  माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें  दे

कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक

November 7, 2021

 कविता : न देना दिल किसी को  न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से ,  छीन

जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी

November 7, 2021

 जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट

Leave a Comment