Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

हुनर को पहचाने!

हुनर को पहचाने! हुनर को पहचानिए,अपनी कला को जानिए,मछली की योग्यता है तैरना,उसे उड़ने के लिए ना मनाइए! कौशल का …


हुनर को पहचाने!

हुनर को पहचाने!
हुनर को पहचानिए,
अपनी कला को जानिए,
मछली की योग्यता है तैरना,
उसे उड़ने के लिए ना मनाइए!

कौशल का आदर कीजिए,
उसे खुलकर बाहर आने दीजिए,
सभी को किसी ना किसी हुनर से बख्शा खुदा ने,
अपने जीवन का आनंद लीजिए!

शिक्षक को सिखाने दो,
चित्रकार को चित्र बनाने दो,
कुछ और करने के लिए मजबूर ना करो,
हर व्यक्ति को अपना हुनर जताने दो!

चंद पल की खुशी के लिए,
क्यों किसी की कलाबाजी को दफनाए,
अपनी निपुणता के बिना कोई कैसे जिए,
कोई अपनी प्रतिभा को कैसे छिपाए!

हुनर को पहचानिए,
अपनी कला को जानिए,
पंछी की योग्यता है उड़ना,
उसे तैरने के लिए ना मनाइए!!

विकासवादी लेखिका,
माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 3, 2022

मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा

मन के हारे हार- जितेन्द्र ‘कबीर’-

January 25, 2022

मन के हारे हार हार भले ही कर ले इंसान कोकुछ समय के लिए निराशलेकिन वो मुहैया करवाती है उसकोअपने

Leave a Comment