Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

हिम्मत ना हारो | Himmat na haro

हिम्मत ना हारो | Himmat na haro मत कहो तुमसे तय जिंदगी का सफ़र ना होगा,मैं बताता हूं कैसे डूबकर …


हिम्मत ना हारो | Himmat na haro

मत कहो तुमसे तय जिंदगी का सफ़र ना होगा,
मैं बताता हूं कैसे डूबकर उभरना होगा ।

ना पूछो मुझसे मेरे ग़म का सबब यारों तुम
साथ मेरे इक ज़हन्नुम से गुजरना होगा ।

यूं तो मुश्किल भी नहीं है दर्द समझना मेरा,
बस एक पल को मेरे जिस्म में ठहरना होगा ।।

टूटकर जाना बिखर होता है आसां मग़र
आईने को जोड़कर खुद ही संवरना होगा ।

साहिलों की फरियाद करते रहना फिज़ूल है,
माझी बनकर कश्ती संग पार उतरना होगा ।

कालिमा शब की बहुत ही घनेरी है लेकिन,
बनके धृुव तारा तुझे तेरा उभरना होगा ।

हौले हौले ही सही कहानी चलनी चाहिए ।
रूक गई सांसें तो जीवन को बिखरना होगा ।।

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

Dhwaj trivarn hai chhane ko by Arun kumar sukla

October 23, 2021

 ध्वज त्रिवर्ण है छाने को, है उठी लालिमा पूरब से, नभ केसरिया कर जाने को। यह क्षण है दिग नभमण्डल

Naari by Jay shree birmi

October 23, 2021

  नारी नारी हूं मैं,बुराइयों पर भारी हूं मैं मोम  सी हूं मैं सच्चाई पर भीतर से कड़ी हूं पत्थर

Bahte rahte nayan by Shyam sunder tiwari

October 23, 2021

  गीत बहते रहते नयन ————————- बहते रहते नयन गाँव की नदिया सूखी है।। बिलो रहे नवनीत उन्हीं की रोटी रूखी

Maa katyayni by Sudhir Srivastava

October 23, 2021

 माँ कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कन्या माँ कात्यायनी कहलाती, माँ के षष्टम स्वरूप में जग में पूजी जाती। स्वर्ण सदृश्य

Vijay abhi tak apurn hai by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 विजय अभी तक अपूर्ण है हजारों वर्ष पूर्व भगवान राम की पापी रावण को मारकर प्राप्त की गई विजय अभी

Maa kal ratri by Sudhir Srivastava

October 23, 2021

 *माँ कालरात्रि* सप्तम रूप माँ जगदम्बे का माँ कालरात्रि कहलाये, शुभकारी फल देती मैय्या शुभंकारी भी कहलाये। रुप भयानक, डरावनी

Leave a Comment