Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

हिंद का बेटा या दामाद-Rishi sunak

हिंद का बेटा या दामाद-Rishi sunak जिस ने सांसद पद की शपथ गीता पर हाथ रख ली तब से भारतीयों …


हिंद का बेटा या दामाद-Rishi sunak

हिंद का बेटा या दामाद-Rishi sunak

जिस ने सांसद पद की शपथ गीता पर हाथ रख ली तब से भारतीयों के मन में बसे ऋषि सुनक खुद को ब्रिटन के वासी किंतु हिंदू धर्म में आस्था रखने वाला बताते हैं।जो मंदिरों में जाता हैं और दिवाली के दियें भी जलाते हैं।उनकी पत्नी अक्षिता और उनकी संपत्ति राजघराने से भी अधिक हैं ऐसा कहा जा रहा हैं।

ऋषि सुनक के दादा दादी पंजाब से 1940 आसपास अफ्रीका में स्थाई हुए थे।उनके पिता यशवीर सुनक का जन्म केन्या में हुआ था,और माता उषा का जन्म तंजानिया में हुआ था।दोनों के परिवार ब्रिटन में स्थाई हुए थे,बाद में उषा और यशवीर की शादी हुई थी।1980 में ऋषि सुनक का जन्म हुआ था।एक बड़ी फर्म में एनालिस्ट का कार्य कर रहे ऋषि ने अर्थशास्त्र, फिलोसोफी और राज्यशास्त्र का अभ्यास किया हैं।सुधा मूर्ति और नारायण मूर्ति की बेटी अक्षिता से उनके यूएसए की स्टेनफर्ड यूनिवर्सिटी में अभ्यास के दौरान प्रेम हुआ था ,जो विवाह में 2009 परिणित हुआ था।
2012 से राजनीति में पदार्पण किया था कुछ आठ सालों के भीतर ही सांसद में से प्रधानमंत्री बन गए हैं।2015 में अपनी पार्टी के टिकिट पर रिचमंड से सांसद बने।यूरोपियन संघ में से निकलने की जुंबिश में उनका भी सहयोग था जिससे उनकी प्रतिष्ठा में उजाफा हुआ हैं।2018 में थेरेसा मे की सरकार में वे तीसरे नंबर के ताकतवर मंत्री थे।प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर बने।अप्रैल में 2020 में करोनाकाल दरम्यान लोकडाउन दरम्यान उन्होंने जो राहत बजेट बनाया था उससे उनकी काबिलियत की सराहना हुई। थी उनकी लोकप्रियता में इजाफा हुआ था।2022 में कुछ नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे तब आवाज उठा कर कंजरवेटिव पार्टी के चांसलर पद से इस्तीफा दे दिया था।प्रधानमंत्री की रेस में जुलाई 22 से थे,137 मतों से आगे हो प्रचलित हुए थे। लिज़ ट्रस के साथ रेस में कंजरवेटिव पार्टी ने लिज़ ट्रस को चयनित कर उन्हे प्रधानमंत्री बनाया था।कुछ ही महीनों में अर्थिकनीति के मोर्चे पर नाकामयाब होने की वजह से कुर्सी छोड़नी पड़ी।और ऋषि सुनक बिनहरिफ चुने गए।बोरिस जॉनसन और पेन्नी मोर्डेंट ने नामांकन वापिस लेने से और प्रीति पटेल और दूसरे नेताओं के समर्थन से बिनहरिफ चुने गए।
अपने देश में अब सभी की उम्मीद हैं कि ब्रिटन के साथ अपने रिश्ते अब सही रहा करेंगे।क्योंकि अपने देश का बेटा या कहो दामाद अब सर्वोच्च स्थान पर बैठा हैं तो उनका नजरिया अपने देश के लिए सही रहें।वैसे यूएसए के चुनावों में कमला हैरिस से भी काफी अपेक्षाएं रखी गईं थी जिस का आजतक कोई भी परिणाम नहीं दिख रहा हैं।देखें दामाद जी कितना रिश्ता रखते हैं।

About author

Jayshree birimi
जयश्री बिरमी
अहमदाबाद (गुजरात)

#rishisunak rishi sunak

Related Posts

ओबीसी के नाम पर बेवक़ूफ़ बंनाने का ड्रामा

September 24, 2023

ओबीसी के नाम पर बेवक़ूफ़ बंनाने का ड्रामा आंकड़ों का अध्यन करें तो हम पाएंगे कि देश के कुल केंद्रीय

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 78 वां सत्र

September 24, 2023

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 78 वां सत्र 26 सितंबर 2023 को समाप्त होगा – भारतीय उपलब्धियों का डंका बजा जी-4

भारत-कनाडा तल्खी बड़ी

September 23, 2023

भारत-कनाडा तल्खी बड़ी – तीन दिन में तीन एक्शन – पश्चिमी देश सतर्क भारत-कनाडा संबंधों में तपिश नए निचले स्तरपर

एक साथ चुनाव लोकतंत्र के लिए हानिकारक क्यों?

September 23, 2023

एक साथ चुनाव भारत के लोकतंत्र के लिए हानिकारक क्यों? एक साथ चुनावों से देश की संघवाद को चुनौती मिलने

भारतीय ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना

September 23, 2023

भारतीय ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना में विश्वास करते हैं देश के युवाओं को एक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज की दिशा

भारतीय लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक विशाल बहुमत 454/2 से पारित

September 21, 2023

भारतीय लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक विशाल बहुमत 454/2 से पारित दुनियां में बढ़ते महिलाओं के नेतृत्व,प्रभुत्व के क्रमं

PreviousNext

Leave a Comment