Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Deep madira, lekh, poem

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा

हिंदू राष्ट्र मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं। अगर तुम देने को तैयार हो समानताकिसी को नहीं बता रहे हो …


हिंदू राष्ट्र

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा
मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम देने को तैयार हो समानता
किसी को नहीं बता रहे हो सर्वश्रेष्ठ
किसी से नहीं कर रहे हो छुआछूत
और सबके साथ रखना चाहते हो
रोटी-बेटी का रिश्ता और एकता
तो मैं… आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम लड़ने को तैयार हो
दलित, आदिवासी और पिछड़े
लोगों की लड़ाई लड़ने को…
और जनसंख्या के आधार पर
सबको हिस्सेदारी देने को…
अपनी संकीर्ण मानसिकता
और व्यवहार बदलने को…
तो मैं आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

– दीप मदिरा


Related Posts

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

पधारो म्हारो राजस्थान-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

पधारो म्हारो राजस्थान! जीवंत संस्कृति, रेतीली मरुस्थलीय भूमि,  ऊंट पर बैठकर सवारी,  जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है

मसूरी-जन्नत सा शहर-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

मसूरी-जन्नत सा शहर! मसूरी भारत देश के उत्तराखंड राज्य का एक पर्वतीय नगर, बहुत सुहावने मौसम का अनुभव देती है

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

सब कुछ आर्टिफिशियल!!!-किशन सनमुखदास भावनानी

January 6, 2022

सब कुछ आर्टिफिशियल!!! वर्तमान प्रौद्योगिकी युग में मानवीय बुद्धि सब कुछ आर्टिफिशियल बनाने के चक्कर में है!!! प्राकृतिक मौलिकता और

संयुक्त परिवार में जिंदगी जीने का अनमोल लुत्फ़-किशन सनमुखदास भावनानी

January 6, 2022

संयुक्त परिवार में जिंदगी जीने का अनमोल लुत्फ़!!! विश्व प्रसिद्ध सदियों पुरानीं भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था के मूल्यों को बनाए

Leave a Comment