Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Deep madira, lekh, poem

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा

हिंदू राष्ट्र मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं। अगर तुम देने को तैयार हो समानताकिसी को नहीं बता रहे हो …


हिंदू राष्ट्र

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा
मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम देने को तैयार हो समानता
किसी को नहीं बता रहे हो सर्वश्रेष्ठ
किसी से नहीं कर रहे हो छुआछूत
और सबके साथ रखना चाहते हो
रोटी-बेटी का रिश्ता और एकता
तो मैं… आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम लड़ने को तैयार हो
दलित, आदिवासी और पिछड़े
लोगों की लड़ाई लड़ने को…
और जनसंख्या के आधार पर
सबको हिस्सेदारी देने को…
अपनी संकीर्ण मानसिकता
और व्यवहार बदलने को…
तो मैं आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

– दीप मदिरा


Related Posts

मान हैं मुझे तुम पर-जयश्री बिरमी

January 13, 2022

मान हैं मुझे तुम पर आन भी हैं तू मान भी हैं तूहिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तूतेरी मीठे

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है?-जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है? हर बार सामने आती हैंजांच एजेंसियों कीदेरी और लापरवाही की खबरेंबलात्कार,हत्या जैसे संगीन मामलों

विश्व हिंदी दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

 विश्व हिंदी दिवस  हिंदी की लोकप्रियता को लेकर समूचे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

सम्मान का बोझ- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

 सम्मान का बोझ  कहीं पढ़ा था की लड़कियों का आत्मसम्मान बढ़ाओ शादी की उम्र नहीं,सही बात हैं,लड़कियों को सम्मान मिलना

परछाईं- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

परछाईं वक्त कितना भी बदल जायेहम कितने भी आधुनिक हो जायें, कितने भी गरीब या अमीर होंराजा या रंक हों

आज की द्रौपदी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

आज की द्रौपदी एक तो द्रौपदी थी तबअनेक है आज भीक्यों बचा न पाए आज के कृष्णजब बिलखती हैं वहआज

Leave a Comment