Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Deep madira, lekh, poem

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा

हिंदू राष्ट्र मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं। अगर तुम देने को तैयार हो समानताकिसी को नहीं बता रहे हो …


हिंदू राष्ट्र

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा
मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम देने को तैयार हो समानता
किसी को नहीं बता रहे हो सर्वश्रेष्ठ
किसी से नहीं कर रहे हो छुआछूत
और सबके साथ रखना चाहते हो
रोटी-बेटी का रिश्ता और एकता
तो मैं… आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

अगर तुम लड़ने को तैयार हो
दलित, आदिवासी और पिछड़े
लोगों की लड़ाई लड़ने को…
और जनसंख्या के आधार पर
सबको हिस्सेदारी देने को…
अपनी संकीर्ण मानसिकता
और व्यवहार बदलने को…
तो मैं आपके हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं।

– दीप मदिरा


Related Posts

अजय प्रसाद की रचनाएं

March 26, 2022

अजय प्रसाद की रचनाएं  हमसे हमारे ख्वाब न छीन काँटों भरी गुलाब न छीन ।जिंदा तो हूँ गफलत में सहीयादों

क्या आप अपने बच्चों को टॉपर बनने के लिए फोर्स करते हैं?

March 26, 2022

क्या आप अपने बच्चों को टॉपर बनने के लिए फोर्स करते हैं? जी अगर आप अपने बच्चे को, टॉपर बनने

कॉर्पोरेट में महिलाएं!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 26, 2022

कॉर्पोरेट में महिलाएं! हमारी काल्पनिक कथाओं ने बताया कि महिला अपने दस हाथों से परिवार का नेतृत्व करती है। दो

मेरा मन है एक बंजारा- वीना आडवाणी तन्वी

March 26, 2022

मेरा मन है एक बंजारा मेरा मन है एक बंजारा स्थिर नहीं ये फिरता मारामाराकभी प्राकृतिक सौंदर्य में फिरेतो कभी

अनुभव का खजाना…-तमन्ना मतलानी

March 26, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात अनुभव का खजाना… हम अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं। इन

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

Leave a Comment