Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी …


हाजिर जवाबी अटल बिहारी

हाजिर जवाबी अटल  बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

देश की माटी ने दी सदा
अमूल्य तोहफ़ा निशानी
वीरता के परचम को
लहराते रहे हैं बलिदानी

उन्हीं श्रेणी में लिखा है
नाम अटल बिहारी का
कवि ह्रदयावरण के थे
सतत् सेवा में रत रहे

एक बार की है किस्सा
बस की सवारी करके
अटल पाकिस्तान गये
वहाँ की जन सत्ता ने
तहे दिल स्वागत किये

हँसी ठिठोली चल पड़ी
लड़की पत्रकार बोली
आप भी हो कुँवारा जी
कब से तेरी आस में हूँ
करो मुझसे शादी जी

मुँह दिखाई में हमको
देना कश्मीर घाटी जी
अटल जी ने झट बोला
दहेज में हमें चाहिए
पाकिस्तानी वादी जी
कर लूँगा मैं शादी जी।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

सपने- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

सपने सपने देखिये सपने देखना अच्छी बात है,पर सपनों को पंख भी दीजिएउड़ने के लिए खुला आकाश दीजिए। सपनों को

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि

दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

विजय दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

December 18, 2021

विजय दिवस शुरू हुआ जो युद्ध तीन दिसंबर उन्नीस सौ इकहत्तर कोभारत पाकिस्तान के बीच मेंछुडा़ रहे थे सैनिक भारत

काम की कीमत है इंसान की नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’

December 17, 2021

काम की कीमत है इंसान की नहीं बेकारी, बेरोजगारी के दिनों मेंना कमाने का तानाजब तब मार देने वाले घरवाले,इंसान

Leave a Comment