Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

हां मैं हूं नारीवादी!

हां मैं हूं नारीवादी! नारीवाद के प्रमुख प्रकार, स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,भेदभाव का हो देहांत,और …


हां मैं हूं नारीवादी!

हां मैं हूं नारीवादी!
नारीवाद के प्रमुख प्रकार,

स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,
ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,
भेदभाव का हो देहांत,
और ना हो उस पर अत्याचार,
किसी का ना सहे दुर्व्यवहार,
समाज में स्वाभिमान के साथ जीना जाने,
जागरूक हो के अपने अधिकारों को पहचाने,
मिले दोनों को बराबर का अवसर,
महिलाएं भी हो हर तरह से स्वतंत्र,
नहीं हो किसी मौके से वंचित,
नहीं सिर्फ चार दीवारों में सीमित,
यही है नारीवाद की परिभाषा,
इसे सुनकर तुम्हें क्यों होती है निराशा,
अपनी दकियानूसी मानसिकता के साथ,
कहते हो किसी को इस तरह से नारीवाद,
नारीवादी कोई अपशब्द नहीं,
अपभाषा लहजे में बहुतो ने कही,
करो और मत तुम अर्थ का अनर्थ,
पहले सही से समझे नारीवाद का मतलब,
इसमें महिलाओं का पुरुषों पर वर्चस्व नहीं,
बल्कि दोनों में समान अधिकारों की बात है कहीं,
राजनीति व शिक्षा पर हो बराबर का हक,
किसी का नारीवादी होना नहीं है गलत,
नारीवादी पुरुषों से नफरत नहीं करती,
बल्कि उन पर आश्रित ना होकर उनका सहयोग है बनती,
नारीवाद के गलत भावार्थ ना निकाले,
सही से समझकर इसे स्वीकारें,
नायिका बने अपने जीवन की नहीं कोई बेचारी,
छोड़ें रूढ़िवादी परंपराएं जो है तुम पर लादी,
कहे गर्व से सर उठा कर हां मैं हूं नारीवादी,
निडरता से जीने की है मुझको भी आजादी।।

About author

Dr. madhvi borse

डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार | isliye tumse milta hu mai bar bar

January 2, 2023

 इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार इसलिए तुमसे मिलता हूँ , मैं बार बार। मैं मनाता हूँ तुमको, इसलिए

ना रहा यकीन तुझपे | na raha tujhpe yakeen

January 2, 2023

 ना रहा यकीन तुझपे ना रहा यकीन तुझपे,ना कोई उम्मीद तुमसे। हो गई अब वो खत्म, जो थी उम्मीद तुमसे।।

हम नये वर्ष में यह प्रण करें

December 31, 2022

 हम नये वर्ष में यह प्रण करें हम नये वर्ष में यह प्रण करें। हम जीवन को ऐसा धारण करें।।

नववर्ष मंगल भावना | navvarsh mangal bhavna

December 31, 2022

नववर्ष मंगल भावना नव वर्ष में कुछ यूं जहां में प्रेम का विस्तार हो,ना कोई भूखा हो शहर में बीमार

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

December 31, 2022

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ? सोचो आगे क्या करना है ?सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?सोचो क्या

कविता अहमियत| kavita ahmiyat

December 30, 2022

अहमियत वक़्त की अहमियत को समझो,यह न वापिस आएगा।छूट जाएगा जीवन में बहुत कुछ,तू केवल पछताएगा।अहमियत दे रिश्तों को बन्दे,यही

PreviousNext

Leave a Comment