Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Mausam-Khan, poem

हवा मेरा संदेश पहुंचाना

कविता का शीर्षक हवा मेरा संदेश पहुंचाना ए हवा तुम उसके पास से गुजर ना, जरा रुक कर उसके हाल-चाल …


कविता का शीर्षक
हवा मेरा संदेश पहुंचाना

हवा मेरा संदेश पहुंचाना
ए हवा तुम उसके पास से गुजर ना,

जरा रुक कर उसके हाल-चाल पूछना,
करे जब वो मेरी बातें तो मुस्कुराना।
मैं ठीक हूं मेरा कोई गम उसे मत बताना।।

तुम दूर ही रहना तुम्हारी रूत गर्म है,
पिंगल ना जाए वो बहुत नर्म है,
नहीं देखी है उसने परदेश की हवा।
थोड़ी शर्मीली है वो आंखों में बहुत शर्म है।।

तुम अपने साथ बादलों को ले जाना,
दुर दुर तक उनकी छावो को फैलाना,
मोरों को बोलना वो कुछ लम्हें नाचे।
तुम उसके बालों की घटा फैलाना।।

तुम जल्दी आना ख़बर उसकी लेकर,
मैं इंतजार करता हूं यही बैठकर,
उसकी मजबूरी है वो नहीं लोट सकती।
तुम तो लौटना उसकी निशानी साथ लेकर ।।

मौसम खान अलवर राजस्थान

Related Posts

फर्ज/farz

August 11, 2022

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी

भाई बहन का रिश्ता!

August 11, 2022

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो

उड़े तिरंगा बीच नभ

August 11, 2022

उड़े तिरंगा बीच नभ आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।। नहीं तिरंगा झुक

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment