Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

हर क्षण की तरंग

हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है …


हर क्षण की तरंग!

हर क्षण की तरंग

जिंदगी के खेल में खेलता जा,
रोशनी की तरह फैलता जा,
खुद पर रख पुरा यकीन,
खिलाड़ी तू है बेहतरीन!!

आत्मविश्वास के साथ चलता जा,
पीछे ना देख,आगे बढ़ता जा,
हर कदम पर है इम्तिहान,
आसानी से नहीं पूरे होते अरमान!

हौसलों की उड़ान को भरता जा,
बेहतरीन बनके निखरता जा,
हिम्मत है तुझमे भरपूर,
नकारात्मकता को कर स्वयं से दूर!

चांद की तरह चमकता जा,
सूरज की तरह दमकता जा,
जीवन के हर पल हे अनमोल,
उड़ान भर बंद पंखों को खोल!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

डॉ. माध्वी बोरसे- इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड, अवॉर्ड एवं मैडल से यूनिसेफ काउंसिल द्वारा सम्मानित!

August 10, 2022

 डॉ. माध्वी बोरसे- इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड, अवॉर्ड एवं मैडल से यूनिसेफ काउंसिल द्वारा सम्मानित! प्रसिद्ध शिक्षाविद , लेखिका डॉक्टर

रक्षाबंधन विशेष

August 10, 2022

 नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  रक्षाबंधन रक्षाबंधन है एक,अटूट निराला बंधन।रेशम की पवित्र डोर से,बना यह रक्षा का बंधन।। सब

संयम मनुष्य का सर्वोत्तम चिकित्सक!

August 8, 2022

संयम मनुष्य का सर्वोत्तम चिकित्सक! आजकल के समय में, सभी के अंदर धैर्य  की बहुत कमी है, बहुत सी बार

तब और अब का अंतर!

August 5, 2022

तब और अब का अंतर! जब नहीं था हमारे पास अलार्म,स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

संपूर्ण रूप से अहिंसा वादी बने!

August 5, 2022

संपूर्ण रूप से अहिंसा वादी बने! जी, बहुत से घर में हम देखते हैं, जहां किसी का बहुत ज्यादा अपमान

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

PreviousNext

Leave a Comment