Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

हम सभी एक समान-डॉ. माध्वी बोरसे

हम सभी एक समान! जाति, धर्म से क्यों करते हैं भेदभाव,क्यों नहीं इंसानियत को आजमाओ? हम सभी का रक्त का …


हम सभी एक समान!

हम सभी एक समान-डॉ. माध्वी बोरसे
जाति, धर्म से क्यों करते हैं भेदभाव,
क्यों नहीं इंसानियत को आजमाओ?

हम सभी का रक्त का रंग हे एक,
क्यों फिर यह जाति, धर्म अनेक?

सब की चमड़ी एक समान,
क्यों किसी का करते हो अपमान?

हम सब की है एक ही धर्म और जाति,
वह हे सिर्फ मानवता धर्म और मानव जाति!

किसी का छुआ पानी पीने में शर्माते हो,
हवा में क्यों खुल के सांस ले लेते हो!

पूछो किसी से, कि किए कितने इंसानियत के कर्म,
ना कि पूछो, क्या है उसकी जाति या धर्म!

जब प्रकृति और कायनात ने नहीं किया भेदभाव,
तो किस बात का जाति और धर्म का ताव!

चलो रखें सबसे भाईचारा और बनाए इंसानियत का रिश्ता,
हर एक है यहां, उस खुदा का फरिश्ता!

सब है समान यहां किसी को अलग ना समझो,
ईश्वर एक, शक्ति एक, सबको व्यवहार से परखो!

चलो रखे सबके साथ इंसानियत और प्रेम की भावना,
अब से किसी को आजमाओ, तो उसे उसकी इंसानियत से आजमाना!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

जीवन है तो जिए जाना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

जीवन है तो जिए जाना बहुत तकलीफ़ देता है अपने किसी करीबी काइस दुनिया से असमय चले जाना, किसी हंसते

मान हैं मुझे तुम पर-जयश्री बिरमी

January 13, 2022

मान हैं मुझे तुम पर आन भी हैं तू मान भी हैं तूहिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तूतेरी मीठे

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है?-जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है? हर बार सामने आती हैंजांच एजेंसियों कीदेरी और लापरवाही की खबरेंबलात्कार,हत्या जैसे संगीन मामलों

परछाईं- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

परछाईं वक्त कितना भी बदल जायेहम कितने भी आधुनिक हो जायें, कितने भी गरीब या अमीर होंराजा या रंक हों

आज की द्रौपदी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

आज की द्रौपदी एक तो द्रौपदी थी तबअनेक है आज भीक्यों बचा न पाए आज के कृष्णजब बिलखती हैं वहआज

हिन्दी बेचारी- डॉ. इन्दु कुमारी

January 13, 2022

हिन्दी बेचारी राष्ट्र है मेरे अपने घरभारती हूँ मैं कहलाती जनमानस की हूँ सदासरल अभिव्यक्ति मैं राजदुलारी जन सभा कीअवहेलना

Leave a Comment