Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

हम फरिश्ते से हो जाएं!

हम फरिश्ते से हो जाएं! फरिश्तों की तलाश क्यों आसमान में,फरिश्ते तो है इसी जहान में,जो भी मानवता भलाई के …


हम फरिश्ते से हो जाएं!

फरिश्तों की तलाश क्यों आसमान में,
फरिश्ते तो है इसी जहान में,
जो भी मानवता भलाई के कार्य करें,
वह भी तो फरिश्तों सा ही महान है।

क्यों हम फरिश्तों को निकले ढूंढने,
क्यों ना हम खुद ही एक फरिश्ता बने,
नेकी, प्रेम और अच्छाई के साथ,
निकल जाए हम भी फरिश्ता बनने।

निगाहों में चमक फरिश्तों सी हो,
कर्मों में दमक फरिश्तों सी हो,
आसानी से नहीं मिलते हैं फरिश्ते,
स्वयं में बनने की ललक फरिश्ते सी हो।

सम्मान, समान और इमानदारी,
ज्ञानी, दयावान एवं जानकारी,
इन गुणों को हृदय से अपनाएं
करें आज से ही एक फरिश्ता बनने की तैयारी।।

About author
Dr madhvi borse
डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे

April 3, 2023

ये ख्वाब हमारे संकल्प सामर्थ्य से पूरे होंगे जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे आजादी के अमृत

डॉ. माध्वी बोरसे को शुभकामनाएं देते हुए वर्तमान में लोकसभा के अध्यक्ष, माननीय ओम बिरला जी।

April 1, 2023

डॉ. माध्वी बोरसे को शुभकामनाएं देते हुए वर्तमान में लोकसभा के अध्यक्ष, माननीय ओम बिरला जी। डॉ. माध्वी बोरसे जो

महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं

March 28, 2023

भावनानी के भाव महकता है घर जिसमें बच्चे बसते हैं घर की चौखट चहकती है बच्चे जब हंसते हैं महकता

बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार

March 28, 2023

 भावनानी के भाव बिना आवाज़ की लाठी मारी किया था भ्रष्टाचार धन रहेगा नहीं दुखी करके निकलेगा यह भ्रष्टाचार  बच्चे

तुलसी आज| Tulsi-aaj

March 28, 2023

तुलसी आज क्यों में तुलसी तेरे आंगन की बनूंमेरी अपनी महत्ता मैं ही तो जानूं संग तेरे रहूंगी जीवन भर

सतकर्म ही पूजा है| satkarm-he-pooja

March 28, 2023

सतकर्म ही पूजा है सोचो समझो इससे बड़ा ना कोई इस जग मे दूजा हैसच करो सतकर्म दुनिया मेंयही तो

PreviousNext

Leave a Comment