Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Gurudeen Verma, poem

हम नये वर्ष में यह प्रण करें

 हम नये वर्ष में यह प्रण करें हम नये वर्ष में यह प्रण करें। हम जीवन को ऐसा धारण करें।। …


 हम नये वर्ष में यह प्रण करें

हम नये वर्ष में यह प्रण करें
हम नये वर्ष में यह प्रण करें।
हम जीवन को ऐसा धारण करें।।
हम बदी से हमेशा दूर रहें।
बनकै दीपक सबको रोशन करें।।
हम नये वर्ष में——————–।।
मन से नफरत को मिटा दे हम।
द्वेष-ईर्ष्या को मन से जला दे हम।।
करें उपकार निःस्वार्थ भाव से हम।
मन से लोभ पाप का दहन करें।।
हम नये वर्ष में——————।।
भूख से कोई नहीं सोये यहाँ।
कोई भी बेघर नहीं मिले यहाँ।।
कम हो बेरोजगारी गरीबी यहाँ।
सपनें सबके यहाँ हम पूर्ण करें।।
हम नये वर्ष में——————-।।
बाल विवाह- बाल मजदूरी बन्द हो।
मृत्यु भोज- दहेज प्रथा भी बन्द हो।।
सबके अधिकारों की हो यहाँ रक्षा।
प्रार्थना यह ईश्वर से हम सब करें।।
हम नये वर्ष में——————-।।
हर धर्म हो फलीभूत भारत में।
नहीं हो बलवें आजाद भारत में।।
अपना भारत हमेशा अखण्ड रहे।
हम शहीदों के सपनें मुकम्मल करें।।
हम नये वर्ष में——————–।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


Related Posts

Aaj ravan jalaya jayega by shiddharth gorakhpuri

October 23, 2021

 आज रावण जलाया जाएगा दशहरा है आज, आज रावण जलाया जाएगा। राम को अच्छा और रावण को बुरा बताया जाएगा।

Putle palatwar nhi karte by Jitendra Kabir

October 23, 2021

पुतले पलटवार नहीं करते बुराई का पुतला बना, उसको जलाकर, अपने झूठे अहम की तुष्टि कर लेना आसान है, इसलिए

Humme ram ravan bhi by Anita Sharma

October 23, 2021

 “हममें राम रावण भी” राम-रावण कोई मनुज नहीं वे तो मन के कारक हैं। उच्च विचारों की शृंखला राम के

Maa ki sharan by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 विजयादशमी के शुभ अवसर पर  माँ की शरण  मैया तू ही सहारा है विघ्न -बाधा हरती है। आते जो तेरे

Suvidha by Jitendra Kabir

October 23, 2021

 सुविधा सुनो स्त्री! जिनके लिए सुविधा  हो तुम… पूरे परिवार को खाना पकाने व खिलाने की, घर के अंदर-बाहर साफ-सफाई

Durga shakti bhavani by Dr. indu kumari

October 23, 2021

 शीर्षक-दुर्गा शक्ति भवानी माँ मुझे भक्ति दो वरदान हम तुम्हारे बच्चे है नादान रक्षा करने वाली होती माँ सच्ची राह

Leave a Comment