Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

कविता हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली हमारी पीढ़ियों की …


कविता
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली
भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली
हमारी पीढ़ियों की किस्मत खुली
भारतीय हवा में सांस लेने की चाहत मिली

अधिकारों की रक्षा कर्तव्यों के पालन के लिए
संविधान जैसी अनमोल ताकत मिली
भारत में धर्मनिरपेक्षता की सौगात मिली
नए भारत का निर्माण की शक्ति मिली

अहिंसात्मक सोच सच्चे उपयोग की युक्ति मिली आध्यात्मिकता से आत्मशुद्धि की ताकत मिली
लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमें मां भारती मिली

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Sirf dikhane ki cheez by Jitendra Kabeer

August 22, 2021

 सिर्फ दिखाने की चीज देखता हूं बहुत बार अपने आस-पास दुनिया भर में अपने भाई चारे और अच्छे रिश्तों का

Aadarsh pesh karte mananeye by Jitendra Kabeer

August 22, 2021

 आदर्श पेश करते माननीय जब देश की संसद में होती है धक्का-मुक्की, हाथापाई, मार-कुटाई, आए दिन सरेआम, तो आम जनता

Azadi kish liye chahi thi humne by Jitendra Kabeer

August 21, 2021

 आजादी किस लिए चाही थी हमनें हम भारतीयों के साथ भेदभाव करते थे अंग्रेज खुद को कुलीन मानकर, नीचा दिखाते

Inshaniyat ki ummid by Jitendra Kabeer

August 21, 2021

 इंसानियत की उम्मीद कितने लोग हैं… जो सड़क पर पड़े पत्थर नजर आने पर उन्हें उठाकर एक तरफ कर देते

Vo hai Taliban by Jitendra Kabeer

August 21, 2021

 वो है तालिबान जो चाहता है… कि उसकी इच्छा के अनुसार ही दुनिया के सब लोग चलें, उसके तय किए

Ek mulk mar diya hai by Jitendra Kabeer

August 21, 2021

 एक मुल्क मार दिया है लोकतंत्र के ध्वज-वाहक बने थे जो उन सबने अपना पल्ला झाड़ लिया है, जीत हमारी

Leave a Comment