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kishan bhavnani, poem

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

कविता हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली हमारी पीढ़ियों की …


कविता
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली
भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली
हमारी पीढ़ियों की किस्मत खुली
भारतीय हवा में सांस लेने की चाहत मिली

अधिकारों की रक्षा कर्तव्यों के पालन के लिए
संविधान जैसी अनमोल ताकत मिली
भारत में धर्मनिरपेक्षता की सौगात मिली
नए भारत का निर्माण की शक्ति मिली

अहिंसात्मक सोच सच्चे उपयोग की युक्ति मिली आध्यात्मिकता से आत्मशुद्धि की ताकत मिली
लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमें मां भारती मिली

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


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