Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

कविता हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली हमारी पीढ़ियों की …


कविता
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली
भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली
हमारी पीढ़ियों की किस्मत खुली
भारतीय हवा में सांस लेने की चाहत मिली

अधिकारों की रक्षा कर्तव्यों के पालन के लिए
संविधान जैसी अनमोल ताकत मिली
भारत में धर्मनिरपेक्षता की सौगात मिली
नए भारत का निर्माण की शक्ति मिली

अहिंसात्मक सोच सच्चे उपयोग की युक्ति मिली आध्यात्मिकता से आत्मशुद्धि की ताकत मिली
लोकतंत्र न्याय बंधुत्व की सामूहिक विरासत मिली
हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमें मां भारती मिली

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

ई-कचरा

February 7, 2022

ई-कचरा! कंप्यूटर और उससे संबंधित अन्य उपकरण,टीवी, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन से जुड़े उत्पादन,उपयोग से बाहर होने पर कहते हैं

गणतंत्र दिवस-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 7, 2022

गणतंत्र दिवस! 26 जनवरी 1950 में भारतीय संविधान लागू किया,भारत को पूर्ण रूप से गणतंत्र घोषित कर दिया! परेड, भाषण,

हां ये तपिश हैं

February 7, 2022

हां ये तपिश हैं ठंडे न होंगे ये सिने जिसमे हैं दहकलाखों में न सही हजारों में हीललकार हैं प्रतिकार

मेरे किस्से -सतीश सम्यक

February 7, 2022

मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी

बेरोजगार हूं-दीप मदिरा

February 7, 2022

बेरोजगार हूं कभी कट्टर हिंदूवादी हूं कभी कट्टर भाजपा समर्थक हूं कभी कट्टर मोदी समर्थक हूं कभी कट्टर योगी समर्थक

जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 6, 2022

जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव

Leave a Comment