भावनानी के भाव
हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है
भावनानी के भाव हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार …
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गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना
अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे
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अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा
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मसूरी-जन्नत सा शहर-डॉ. माध्वी बोरसे!
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सब कुछ आर्टिफिशियल!!!-किशन सनमुखदास भावनानी
January 6, 2022
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