Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है

 भावनानी के भाव हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार …


 भावनानी के भाव

हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है

प्राकृतिक संसाधनों को बचाना है
प्राचीन संस्कृति का युवाओं में प्रसार करना है
विश्व में भारत का नंबर वन बनाना है
आत्मनिर्भर भारत करने हर उपचार अपनाना है
भारत में उत्पादित चीजें अपनाना है
इसी अस्त्र से विश्व राजा का ताज़ पहना है
स्टार्टअप इनोवेशन को आगे बढ़ाना है
हमें शक्तिशाली राष्ट्रीय अभियान चलाना है 
सर्वशक्तिमान मनीषियों को चेताना है
हमें अपनी नदियों तालाबों को तात्कालिक 
जीवनदायिनी भावना से बचाना है
चिर परिचित भारतीय संस्कृति को अपनाना है 
नदियों तालाबों को सदैव ही उनकी 
जीवनदायिनी शक्ति के लिए सम्मानित किया है 
उस सम्मान को हम मनुष्यों ने 
जी तोड़ कोशिश कर बचाना है 
शहरीकरण और औद्योगीकरण है कारण इसका आधुनिकीकरण और लालच ने सभ गंवाया है 
इकोसिस्टम को नष्ट करके 
मानवीय सुखचैन सभ गंवाया है 

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया

April 27, 2022

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2022 वर्चुअल मनाया गया भारत का बौद्धिक संपदा में हर साल बेहतर प्रदर्शन हो रहा है

दुनियां का मंच – भारत सरपंच

April 27, 2022

दुनियां का मंच – भारत सरपंच भारत एक नए वैश्विक उच्च शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर उभर रहा

पत्रकारिता एक मिशन

April 27, 2022

पत्रकारिता एक मिशन लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत करने एक स्वतंत्र, बंधन मुक्त, मज़बूत और जीवंत मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान

बुलडोज़र पर घमासान!!

April 27, 2022

बुलडोज़र पर घमासान!! बुलडोज़र पर मचे सियासी घमासान के बीच छठवीं बुलडोजर फैक्ट्री का उद्घाटन ब्रिटेन के पीएम ने किया

जीवन तथ्य!

April 27, 2022

जीवन तथ्य! बिखरने के बाद भीनिखरना एक अदा है,बिछड़ने के बाद भी,हम स्वयं के सदा हैं! खुशी हो या गम,जीना

वाह क्या किस्मत पाई है!

April 27, 2022

 वाह क्या किस्मत पाई है! रात रात भर जाग के, की उसने मेहनत ,  जीते बहुत से पुरस्कार और परिश्रम

Leave a Comment