Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है.-तमन्ना मतलानी

नन्हीं कड़ी में…आज की बात हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है… संसार में आया हुआ प्रत्येक व्यक्ति सांसारिक मोह-माया …


नन्हीं कड़ी में…आज की बात

हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है…

हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है.-तमन्ना मतलानी
संसार में आया हुआ प्रत्येक व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से स्वयं को दूर नहीं रख सकता है। प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा नित्य प्रति कोई न कोई अच्छा कार्य करने का प्रयास किया जाता है। हम हमेशा चाहते हैं कि किसी का भला कर सकें पर कई बार अनजाने में ही हमारे द्वारा कुछ ऐसा कार्य हो जाता है जिसे हम करना नहीं चाहते है।अब मन में एक प्रश्न आता है कि आखिर हमें कैसे मालूम हो जाता है कि अनजाने में ही हमसे कोई भूल या गलती हो गई है। इसका सबसे सरल जवाब हमारी अंतरात्मा से आई हुई आवाज का सुनाई देना है। हम कोई भी कार्य दुनिया की नजरों से छिपा कर करें लेकिन हम अपनी अंतरात्मा से कुछ भी छिपा नहीं सकते।

पुराने समय का एक फिल्मी गीत है, “तेरी आत्मा के अंदर परमात्मा है प्यारे…” यह गीत आज के आधुनिक युग में भी जीवंत लगता है क्योंकि इस गीत में आत्मा और परमात्मा के मिलन का उल्लेख एक ही शरीर में किया गया है।

आज के इस लेख के शीर्षक के अनुसार हमारी अंतरात्मा ही हमारी सच्ची मित्र है क्योंकि अंतरात्मा कभी भी हमें गलत राह पर जाने नहीं देती। जिस व्यक्ति की आध्यात्मिकता की शक्ति जागृत है वह कभी भी गलत राह पर चल ही नहीं सकता ।

हमने कई बार यह भी आभास किया होगा कि जब हम कोई काम करने का निर्णय लेते हैं तो मन में एक जुनून होता है कि यह काम हमें हर हाल में पूर्ण करना ही है लेकिन जब हम कार्य को करने जाते हैं तो हमारी अंतरात्मा से एक आवाज आती है कि हमें इस कार्य को नहीं करना चाहिए या इस काम को करने से पूर्व एक बार फिर से विचार अवश्य करना चाहिए।

उस समय यदि हम अंतरात्मा की आवाज सुनकर कार्य को स्थगित कर देते है और कुछ समय के पश्चात हमे यह जानकारी मिलती है कि जो कार्य हम करने जा रहे थे वह तर्कहीन या गलत था अथवा उस कार्य को करने से हमें बहुत बड़ी हानि हो सकती थी। इसी उदाहरण से हम समझ सकते हैं कि हमारी अंतरात्मा ही हमारा सच्ची मित्र है जिसने हमें वक्त रहते ही उस कार्य को न करने का निर्णय लेने हेतु विचार करने के लिए प्रेरित किया।

कई बार हम किसी की मदद इस कारण से नहीं करते हैं कि सामने वाला व्यक्ति हमें बेवकूफ बना रहा है अथवा मन में यह आभास होता है कि सामने वाला व्यक्ति हमें धोखा देना चाहता है और हम इस ख्याल मात्र से ही जरूरतमंद की मदद को भी अनदेखा कर देते हैं। मदद के लिए मना करने के पश्चात् अचानक हमारी अंतरात्मा हमें पुकारती है कि हमने एक सच्चे और जरूरतमंद व्यक्ति की मदद नहीं की है , बस इसी एक पल में हम अपनी अंतरात्मा की आवाज पर उस व्यक्ति की मदद करने के लिए दौड़े चले जाते हैं। सही है मित्रों, कि हमारी अंतरात्मा हमें कई बार एक मित्र की तरह सही रास्ता दिखा कर उस पर चलना भी सिखा देती है। इसलिए ही तो हमारी अंतरात्मा हमारी सच्ची मित्र है।

कई बार कुछ लोग व्यापार में नुकसान खाकर या असफल होकर और विद्यार्थी वर्ग परीक्षा में मनचाहा या अपेक्षित परिणाम न पाकर टूट से जाते हैं और अपने जीवन से निराश होकर बैठ जाते हैं ठीक उसी समय अंधेरे में एक जुगनू के समान जगमगाती हुई हमारी अंतरात्मा की आवाज हमारे कानों में गुंजायमान होती है। वास्तव में यही हमारी अंतरात्मा याने कि परमात्मा की आवाज होती है। हमारी अंतरात्मा हमें प्रेरित करती है कि अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है अगर हम पुरुषार्थ से, हिम्मत से और सच्ची लगन से अपने कार्य को करते हैं तो दुनिया की कोई ताकत तुम्हें असफल नहीं बना सकती और मन से यह भाव अनायास ही निकल आते हैं कि…

चल उठ तू कदम बढ़ा
हिम्मत न छोड़ तू…

कहीं झुक जाना नहीं
कहीं थक जाना नहीं
अन्याय के आगे तू सर झुकाना नहीं
चल उठ तू कदम बढ़ा…

संघर्षों के आगे मंजिल खड़ी है
तेरी तो बस राह यही है
हारना नहीं बस जीतना ही तुझे है
चल उठ तू कदम बढ़ा…

सत्य का साथ कभी छोड़ना नहीं
तमन्ना मेरी है यही
मुकाम हासिल हो तुमको सही
चल उठ तू कदम बढ़ा…

बस यही एक आवाज हमारा जीवन बदल देती है। हम फिर से पूरे आत्मविश्वास के साथ असफलता को सफलता में परिवर्तित करने के लिए उठ खड़े होते हैं और मनचाही सफलता हासिल कर लेते है।

मित्रों, जिस किसी व्यक्ति के साथ अगर इस प्रकार से कोई घटना घटित हुई है तो वह यह समझ ले कि उसकी आत्मा के अंदर परमात्मा का वास है जो हमें न कभी भी हारने देगा , न ही कभी असफल होने देगा बल्कि एक सच्चे मित्र की तरह हमेशा अंतरात्मा की आवाज बनकर हमारे साथ ही रहेगा।

अंत में मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगी कि जब आपके साथ ऐसा कोई वाक्या हुआ है तो यह निर्णय आप ही कीजिए कि आपकी अंतरात्मा आपकी सच्ची मित्र है या नहीं…?

✍🏻 तमन्ना मतलानी

गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग| maha Shivratri

March 8, 2024

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग ‘खइ के पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला…’ चार दशक

Hum hind ki naariya | mahila divas Vishesh

March 8, 2024

 नन्हीं कड़ी में….  आज की बात   हम हिन्द की हैं नारियां... महिला दिवस पर विशेष…. हमारे भारत देश में आज के

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे

March 8, 2024

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे परिचय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक गतिशील और तेजी से बढ़ते

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त

March 8, 2024

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त आज के आधुनिक समय में महिला उत्थान एक विशेष

संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना”

March 8, 2024

“संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना” जिंदगी में सिर्फ बोझा ना उठाओ,स्वयं को थोड़ा समझाओ,एक दूसरे

बड़े काम का रेजोल्यूशन

December 31, 2023

बड़े काम का रेजोल्यूशन एक बार फिर रेजोल्यूशन बनाने का दिन आ ही गया, नए साल के साथ। बिहेवियर साइकोलॉजी

Leave a Comment