Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Bhawna_thaker

स्वास्थ्य बीमा आज के समय की मांग/health insurance is the need of today

“स्वास्थ्य बीमा आज के समय की मांग” पहले के ज़माने के मुकाबले आजकल गलत खान-पान, आधुनिक लाईफ़स्टाइल और जंक फ़ूड …


“स्वास्थ्य बीमा आज के समय की मांग”

पहले के ज़माने के मुकाबले आजकल गलत खान-पान, आधुनिक लाईफ़स्टाइल और जंक फ़ूड के अतिरेक के चलते न कभी देखी, न कभी सुनी ऐसी बड़ी-बड़ी बिमारियों के शिकार हो जाते है लोग। और एक बार प्राइवेट अस्पताल की सीढ़ियाँ चढ़ी नहीं कि सीधा लाखों में ही बिल फ़टते है, जो आम इंसान की छोटी सी बचत को एक झटके में साफ़ कर देता है।
पहले तो मुसीबत आने पर भाई, रिश्तेदार, दोस्त सब कँधे से कँधा मिलाकर साथ देते खड़े रहते थे, आज-कल अनदेखा करके बहाने बनाकर खिसक लेते है। सबको अपना जुगाड़ खुद ही करना होता है, इसलिए आजकल जीवन बीमा और मैडिक्लेइम जैसी योजनाओं को लेकर लोगों की मानसिकता में बदलाव आया है। और कोरोना के बाद इसका महत्व ओर बढ़ गया है। मैडिक्लेइम के ज़रिए आपकी बीमारी के इलाज का खर्च कम हो जाता है, और इसे खरीदने वाले को इनकम टैक्स में भी छूट मिलती है। लेकिन अभी भी कई लोग यह सोचकर पोलिसी लेने से कतराते है कि उन्हें कोई बीमारी तो है नहीं, तो ऐसे में पॉलिसी के प्रीमियम में पैसे क्यूँ बर्बाद करने। तो भैया कब समय अपना रुख़ मोड़ेगा और कब बिमारी दस्तक देगी कोई नहीं जानता। इस सोच का बड़ा खमियाजा भुगतना पड़ता है तब, जब अचानक एम्बुलेंस आपको अस्पताल की दहलीज़ पर छोड़ जाती है। अपनी जेब से अस्पताल का भारी-भरकम बिल भरना पड़ता है।
मैडिक्लेइम पाॅलिसी लेना आपके और आपके परिवार के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। यदि आप बीमाधारक है, तो आप कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं, जबकि बीमा पॉलिसी खरीदी गई बीमा योजनाओं के आधार पर 60 दिनों की अवधि तक अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के शुल्क को भी कवर करती है। पाॅलिसीधारक के परिवहन के लिए एम्बुलेंस की राशि भी इसमें कवर होती है। बीमा पॉलिसी स्वास्थ्य जांच के विकल्प भी मुहैया कराती है।
स्वास्थ्य बीमा पाॅलिसी आज के समय में जरूरत बन गया है। यह बीमा का वह प्रकार है, जिसमें आप अपने मेडिकल और सर्जिकल खर्च के लिए क्लेम कर सकते है। साफ शब्दों में कहें तो बीमार होने के दौरान अस्पताल में भर्ती होने और दवाइयों पर होने वाला खर्च आपकी जेब से नहीं जाएगा, यह पूरा खर्चा आपकी पॉलिसी के हिसाब से इंश्योरेंस कंपनी भुगतान करती है।
साथ ही बीमा पाॅलिसी प्रदान करने वाली बीमा कंपनियों का प्रमुख अस्पतालों के साथ करार होता है, ताकि बीमाधारक को कैशलेस उपचार मिल सकें। अगर उस बीमा कंपनी का अस्पताल के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो वह पॉलिसीधारक को उसके द्वारा इलाज पर किए गए खर्च को बिलों के आधार पर भुगतान करती है। सरकार भी आयकर कटौती की सुविधा देते हुए स्वास्थ्य बीमा को लगातार बढ़ावा दे रही है।
स्वास्थ्य बीमा लेते समय आपको जिन जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, उनमें आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ़ और पासपोर्ट साईज़ फोटो की आवश्यकता होती है। आप अपने जरूरत के हिसाब से एकल या पारिवारिक बीमा ले सकते है। इसके अलावा सीनियर सिटीजन के लिए, सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए पॉलिसी की सुविधा भी होती है।
मैडिक्लेइम लेते समय सबसे बड़ी समस्या ये सामने आती है कि किस कंपनी से पॉलिसी लेना सही होगा। तो इसके लिए बीमा पालिसी लेने से पहले कुछ जरूरी बातों पर गौर करना चाहिए। अपनी जरूरत के अनुसार ऐसी पॉलिसी चुन सकते है जो आपके पूरे परिवार को कवर करें। बीमाकर्ता का क्लेम सेटलमेंट रेशो जरूर देखें। पॉलिसी में दिए गए नेटवर्क और अस्पतालों की सूची को अच्छी तरह से जाँचे। देख लें कि आपकी पॉलिसी में कैशलेस भुगतान और रिमबर्समेंट दोनों शामिल है कि नहीं।
इधरउधर के खर्चों पर कटौती करके सभी को स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा लेकर आने वाले खर्च को आसान और सुरक्षित कर लेना चाहिए। सोचिए ईश्वर न करें पर अगर घर में किसीको भी कोई बड़ी बिमारी आती है या एक्सिडेंट होता है तो सबसे पहले आर्थिक व्यवस्था का ख़याल आता है कि नहीं? और ऐसे में खाली जेब ज़्यादा डराती है। पर आपके पास पाॅलिसी है तो आपकी आधी चिंता ख़त्म हो जाती है। तो देर किस बात की आज ही बीमा करवाकर भविष्य सुरक्षित कर लीजिए ताकि अचानक आने वाली बीमारियों पर होने वाले खर्च से जूझ सकें।

About author

Bhawna thaker
(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

Related Posts

खुद को अपडेट करते हुए आगे बढ़ो

October 17, 2022

 “खुद को अपडेट करते हुए आगे बढ़ो” उपर वाले ने हर इंसान को एक सा बनाया होता है। जब हम

अपनी स्त्री की ‘ना’ को समझने की समझ कितने मर्दों में होती है?

October 11, 2022

 अपनी स्त्री की ‘ना’ को समझने की समझ कितने मर्दों में होती है? क्यूँ दब जाती है नारी की ‘ना’

क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है

October 3, 2022

 “क्यूँ हमारा देश सफ़ाई के मामले में विदेशों के मुकाबले पीछे है” सफ़ाई के मामले में हमारा देश विदेश की

बेटियों को आग सी जल्लद और चट्टान सी कठोर बनाईये

October 1, 2022

 “बेटियों को आग सी जल्लद और चट्टान सी कठोर बनाईये” जानें कब करवट लेगी ज़िंदगी कमज़ोर शब्द से उलझते थकी

डिज़ीटलाईज़ेशन का ज़माना है फिर भी लोग परेशान है

October 1, 2022

 “डिज़ीटलाईज़ेशन का ज़माना है फिर भी लोग परेशान है” माना आजकल हर काम डिज़ीटल टेक्नोलॉजी से आसान हो गया है

“घर एक मंदिर”

September 28, 2022

“घर एक मंदिर” घर एक महफ़ूज़ आशियाना होता है इंसान को सर छुपाने का। ज़िंदगी की जद्दोजहद से जूझते थका-हारा

Leave a Comment