Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को …


भावनानी के भाव

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

 स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने
भाषाई अड़चनों को दूर भगाया है रचनात्मक
अभिव्यक्ति का आधार तैयार किया है
स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

नीति आयोग ने देश में नवोन्मेष उद्यमियों को
बढ़ावा देने के स्थानीय भाषाओं में नवाचार
कार्यक्रम कर महत्वपूर्ण कदम उठाया है
भाषाई तालमेल का अनमोल रास्ता दिखाया है

बावीस सूचीगत भारतीय भाषाओं से
नवोन्मेष उधमियों को सहायता मुहैया
कराने का अनमोल कार्यक्रम बनाया है
आयोग ने अटल नवाचार मिशन चलाया है

नवाचार परिस्थितिकी को अंग्रेजी के अलावा
बावीस क्षेत्रीय भाषाओं में मुहैया वाला भारत
को संभवत पहला देश बनाया है आत्मनिर्भर
भारत शीघ्रबनाने भाषाई सहयोग रास्ता दिखाया है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी

February 3, 2022

मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा

Leave a Comment