Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, lekh

स्त्री और स्वास्थ्य

 “स्त्री और स्वास्थ्य” यूँ उपर से देखा जाए तो स्त्री का जीवन सबको सुंदर सहज और शांतिपूर्ण लगता है, जो …


 “स्त्री और स्वास्थ्य”

स्त्री और स्वास्थ्य
यूँ उपर से देखा जाए तो स्त्री का जीवन सबको सुंदर सहज और शांतिपूर्ण लगता है, जो दर असल बहुत ही मुश्किल है। खासकर कामकाजी महिलाओं के लिए सेहत से जुड़ी समस्याओं से जूझना आहत कर जाता है। अगर पत्नी कभी शिकायत करें तो कतराने की बजाय ध्यान से सुनें और देखें की किन समस्याओं से जूझ रही होती है।

स्त्री की सफलता में, उसके आगे बढ़ने में  सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर होता है उसका स्वास्थ्य। कभी मासिक दर्द से जुड़ी समस्या से निपटना तो कभी प्रेग्नेंसी के वक्त की पीड़ा। उल्टी, मितली, चक्कर, तो कभी मोनोपोज़ पिरीयड़ में कभी अधिक रक्तस्राव, सिरदर्द, मूड स्विंग्स, ब्लड प्रेशर का बढ़ना-घटना ये लिस्ट स्त्री के उन कष्टों की है जो सामान्य है और लगभग हर औरत झेल रही होती है।

कमज़ोर मानसिकता वाली स्त्रियाँ इससे भी कहीं अधिक भयंकर स्वास्थ्य समस्याओं से घिरी होतीं हैं। रक्तस्राव अधिक हो तो परेशानी, कम हो तो समस्या। गर्भाशय में अक्सर ही फ़ाइब्राइड हो जाती है, जिसकी वजह से गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा मंडराता है। और आजकल स्तन कैंसर तो जैसे आम बीमारी जैसा हो गया है। और जिनको होता है उनको रब रखें। कभी किसी वजह से मिसकैरेज हो जाता है, वो घटना शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्त्री को तोड़ देती है। खासकर बच्चा पैदा करना कोई खाने का खेल नहीं उस पर भी सिज़ेरिएन हो तब बकायदा शरीर की हालत खस्ता हो जाती है। और जिस औरत को संतान न हो पा रही हो उस स्त्री का दर्द दिल दहलाने वाला होता है। आई वी एफ सेंटर्स कि मुलाकात लेते अवसाद का भोग बन जाती है। टेस्ट पर टेस्ट, इंजेक्शन्स सोनोग्राफ़ि इन सारी प्रोसेस के चलते एक वक्त ऐसा आता है कि स्त्री बिस्तर पर मुर्दा बनकर पड़ी होती है, और आहत होते चिल्लाते कहती है भोंक दो जो कुछ भी भोंकना है, ड्रिप, सुई, एनेस्थीसिया या खंजर कुछ पता नहीं चलता।

संभोग दो लोगों के लिये एक उन्मादित  क्रिया होती है, पर स्त्री के उपर इससे होने वाले वजाइनल संक्रमण का खतरा मंडरा रहा होता है। या तो कभी-कभी डिलीवरी के बाद युरिनल समस्या होने की वजह से कार्यालय में , बाज़ार में, पार्टी में, मेले में, न जाने कब तक यूरिन रोककर मुस्कराना पड़ता है ब्लाडर भर कर फटने की कगार पर आ जाये तब भी कहीं किसी सड़क के किनारे बैठ नहीं सकती। इज़्ज़त यूरिन इंफेक्शन से बड़ी जो होती है। किसी महिला को खाँसी या छींकने पर कुछ बूँदें युरिन की निकल जाती है जो न कहने न सहने वाले हालात पैदा करती है। ये तो बात हुई सिर्फ़ सामान्य जीवन जीने वाली औरतों की पर उनके बारे में लिखूँगी तो कष्टों की इन्तेहाँ लिखनी पड़ेगी जिन्होंने यौन शोषण सहा, बलात्कार झेला, तेज़ाब की आग झेली, पति के हाथों पिटाई सही 

सच यही है इन सब हेल्थ इश्यूज़ के कारण ही स्त्री जितनी कार्यक्षमता रखती है उतना कर पाती। इसीलिए हर स्त्री को अपना ख़याल खुद रखना चाहिए। हेल्दी खान-पान, कम से कम 7 घंटे की नींद, थोड़ी एक्सरसाइज़ और सकारात्मक सोच से अपने आप को फ़िट रखकर इन सारी समस्याओं का सामना आसानी से कर पाओगे। और इन सबके साथ परिवार वालों का सहकार मिल जाए तब एक स्त्री हर क्षेत्र में अपना बखूबी लहरा सकती है।

भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर


Related Posts

मस्तिष्क के दबाव को कम कैसे किया जाए

March 5, 2023

नन्हीं कड़ी में… आज की बात… मस्तिष्क के दबाव को कम कैसे किया जाए…. सामान्य जीवन में हम सभी के

जीवन के हर पड़ाव को अपनाओ और जीभर जियो

March 5, 2023

जीवन के हर पड़ाव को अपनाओ और जीभर जियो ‘गिलास आधा खाली’ होने की मानसिकता मानवसहज स्वभाव है। किसी को

मां-बाप को बच्चे से प्यार करना चाहिए उसके रिजल्ट से नहीं

March 5, 2023

 मां-बाप को बच्चे से प्यार करना चाहिए उसके रिजल्ट से नहीं ‘करन क्या रहे हो? परीक्षा से एक दिन पहले

भारतीय संविधान हर भारतीय के सपने को सशक्त बनाता है।

March 5, 2023

भारतीय संविधान हर भारतीय के सपने को सशक्त बनाता है। भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, संविधान निर्माताओं का सपना

शिक्षा – सामाजिक परिवर्तन का उपकरण

March 5, 2023

शिक्षा – सामाजिक परिवर्तन का उपकरण शिक्षा, समाज, राजनीति, धर्म और संस्कृति का अटूट संबंध है। सामाजिक परिवर्तन एक सतत

ये कैसी आध्यात्मिक सेवा ?

March 5, 2023

 ये कैसी आध्यात्मिक सेवा ? श्रद्धेय आध्यात्मिक बाबाओं द्वारा अपने प्रवचन में, माता-पिता की सेवा सर्वश्रेष्ठ, पर बल देना समय

PreviousNext

Leave a Comment