Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Rina sonalika

सोच | soch- रीना सोनालिका

सोच उन दिनों की है जब हमारी नई नई शादी हुई थी ,ओर हम हनीमून के लिए बाहर घूमने गए …


सोच

उन दिनों की है जब हमारी नई नई शादी हुई थी ,ओर हम हनीमून के लिए बाहर घूमने गए थे ,तभी उनका एक दोस्त मिला ,ओर उसने हम दोनों को देखा और तुरंत ये कह दिया कि हमारी जोड़ी अच्छी नहीं है ,क्यूंकि इनका रंग गोरा ओर मेरा रंग सांवला था ,पर हमारे नयन नक्स बहुत तीखे थे ,ओर मै सांवली होकर भी बहुत खूबसूरत लगती थी , ओर मेरे अंदर वो सारे गुण थे जो एक संस्कारी ओर एक अच्छी बहू मै होता है , मै पढ़ी लिखी भी थी ओर साथ साथ घर के सारे काम काज मै निपुण थे ,ये सारे गुण मेरे में मौजूद थे,जिसको देखकर मेरे ससुराल वाले ने शादी के लिए हा कर दी ओर मै शादी करके इनके साथ ससुराल चली आई, किसी को हमसे कोई शिकयत नहीं था सभी लोग घर में बहुत खुश ओर मुझे बहुत प्यार करते थे , क्यूंकि उन्हें घर संवारने के लिए ने बहू चाहिए था चाहे रंग गोरा हो या संबला क्या फर्क पड़ता ,घर मै खुशियों तो है ,तो ओर मै सभी लोगो को खुश रखी हू । इन सब बातों को लेकर ये हमारे पति बहुत खुश थे । ओर इन्हे हमसे कोई गिला शिकवा नहीं था । इसलिए उन्होंने अपने दोस्तो को कह दिया हमारी जोड़ी बहुत अच्छी क्यूंकि हमारी रिश्ता गोरे रंग की लड़की से नहीं बल्कि संबली रंग की लड़की से हुआ है , जो सबको दिलो पर राज करती है, ऐसे भी जीवन रंग से नहीं लड़की के खूबसूरत ढंग से चलती है , सलाम करती हू ऐसे पति को जिनकी इतनी अच्छी सोच है।

About author 

लेखिका रीना सोनालिका चास  जिला बोकारो राज्य झारखंड। स्वरचित एवम मौलिक

लेखिका रीना सोनालिका चास 

जिला बोकारो राज्य झारखंड।
स्वरचित एवम मौलिक

Related Posts

Paryavaran me zahar ,praniyon per kahar

June 27, 2021

 आलेख : पर्यावरण में जहर , प्राणियों पर कहर  बरसात का मौसम है़ । प्रायः प्रतिदिन मूसलाधार वर्षा होती है़

Lekh aa ab laut chalen by gaytri bajpayi shukla

June 22, 2021

 आ अब लौट चलें बहुत भाग चुके कुछ हाथ न लगा तो अब सचेत हो जाएँ और लौट चलें अपनी

Badalta parivesh, paryavaran aur uska mahatav

June 12, 2021

बदलता परिवेश पर्यावरण एवं उसका महत्व हमारा परिवेश बढ़ती जनसंख्या और हो रहे विकास के कारण हमारे आसपास के परिवेश

lekh jab jago tab sawera by gaytri shukla

June 7, 2021

जब जागो तब सवेरा उगते सूरज का देश कहलाने वाला छोटा सा, बहुत सफल और बहुत कम समय में विकास

Lekh- aao ghar ghar oxygen lagayen by gaytri bajpayi

June 6, 2021

आओ घर – घर ऑक्सीजन लगाएँ .. आज चारों ओर अफरा-तफरी है , ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत का

Awaz uthana kitna jaruri hai?

Awaz uthana kitna jaruri hai?

December 20, 2020

Awaz uthana kitna jaruri hai?(आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ?) आवाज़ उठाना कितना जरूरी है ये बस वही समझ सकता

Leave a Comment