Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, story

सुर का जादू

 सुर का जादू Jayshree Birmi  एक शहर में चूहों का आतंक बहुत बढ़ गया था।घर,खेत और खलिहानों में खाद्य सामग्री …


 सुर का जादू

Jayshree birmi
Jayshree Birmi 

एक शहर में चूहों का आतंक बहुत बढ़ गया था।घर,खेत और खलिहानों में खाद्य सामग्री को खा तो जाते थे और खाने से ज्यादा व्यय करतें थे।पूरा गांव परेशान रहता था और गांव के बुजुर्गों का मानना था कि अगर यही हाल रहा तो गांव भुखमरी की चपेट में आ जायेगा।गांव का एक आदमी व्योपार के उपलक्ष में दूसरे गांव में गया हुआ था तो वहां उसकी मुलाकात एक बांसुरी वाले से हो गई।वह बांसुरी वाला इतना प्रवीण था कि जब वह कुछ तान छेड़ता था जो गांव के चूहों को मुग्ध बनाकर अपनी और आकर्षित कर लेती थी।जब बांसुरी वाले को उस आदमी ने बताया तो वह मान गया और सभी चूहों से गांव से मुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन उसके एवज में कुछ रुपयों की भी मांग की तो दोनों में समझौता हो गया कि जैसे ही चूहों से निजात मिलेगी उसे उसका निश्चित दाम दे दिया जायेगा।

 अब बंसी वाला आया और तान छेड़ी तो खेतों से,खलिहानों से , बिल में से ,घरों से उछलते कूदते चौराहे पर आ गाएं जहां बंसी की तान छेड़ रखी थी बांसीवाले ने ओर बांसीवाला बंसी बजाता हुआ आगे चलने लगा और पूछे चूहे दौड़ते रहें और जो कोई बच गएं थे वे भी जुड़ते गए,और वह आगे बढ़ता गया बढ़ता गया जंगल की ओर।कुछ आगे जाते हुए एक नदी आई तो बांसीवाले ने तो चलकर पार करली लेकिन चूहे सारे बह ने लगे उन्हीं चूहों में एक चूहे को ज्ञान हुआ कि ये उन सुरों का असर था तो उसने अपने कान बंद कर लिए और नदी के किनारे की और तैर ने लगा और एक छोटे से पत्थर का सहारा ले बहने से बच गया और जब मौका मिला तो दौड़ कर गांव में पहुंच गया।

     अब देखें तो बंसीवाले और उस आदमी में अनबन हो गई क्योंकि उस आदमी ने तय की हुई रकम देने से इंकार कर दिया और कुछ रूपए दे कर पीछा छुड़वा ने की कोशिश की तो बंसी वाला नाराज हो गया और उसने उसने फिर से बंसी की तान छेड़ दी तो इसबर चूहे नहीं बच्चें दौड़ कर आने लगे तो गांववाले डर गाएं और उसे उसकी निर्धारित राशि दे दी।बंसीवाला बंसी पास में रख कर अपना पैसा गिनने बैठ गया अब मौका देख कर वह चूहा जो बच कर आ गया था,उसने वह बंसी उठा ली और भाग गया।अब वह चौराहे पर आ गया और बंसी में फूंक मारी तो ऐसी तान निकली कि उस बांसीवाले के साथ सब ही गांववाले भी दौड़ के चौराहे पर आ गए तो चूहा बंसी बजाता हुआ गांव से बाहर निकल गया अब उन्हें कौन बचाएगा क्योंकि चूहा तो बहुत बड़े दरिया की और जा रहा था।अब तो उन्हीं लोगों में से कोई होश में आएं और उस चूहे ने जैसे अपने आपको बचाया था वैसे ही पूरे समूह को बचा लें।

 इस कहानी में तद्राश्य होता रूप हैं कि इस युग में मानव को मोबाइल की इस जादुई तान से बचाने का काम कौन करेगा ये यज्ञ प्रश्न हैं।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

कहानी-वैधुर्य

May 25, 2022

 वैधुर्य  आज रामी ने अपने बहु बेटे को अलग से अपना घर बसाने का कह दिया।बेटा जीगू ने अपने बापू

गरीबों का हक

May 18, 2022

गरीबों का हक आज कल एक वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा हैं जिसमे योगिजी का नाम

धूप छांव

May 15, 2022

धूप छांव जिंदगी के रूप कई कहीं मिले धूप छांव आती दुःख की धूप तो सुख की छांव भी अपार

अपने अपने राम

May 14, 2022

 अपने अपने राम जब भी कुमार विश्वास के प्रोग्राम का विज्ञापन देखती हूं जिसमे बड़े बड़े शब्दों में लिखा हैं”अपने

डिजिटल डिटॉक्स

May 11, 2022

 डिजिटल डिटॉक्स  जयश्री बिरमी आजकल सुबह होती हैं मोबाइल में बजते अलार्म से और वहीं पर फोन हाथ में ले

घमासान

May 10, 2022

 घमासान क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट

PreviousNext

Leave a Comment