Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

सुरम्य एवं सहज जीवन!

सुरम्य एवं सहज जीवन! गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,प्रेम और जुनून के …


सुरम्य एवं सहज जीवन!

डॉ. माध्वी बोरसे!

गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,
खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,
प्रेम और जुनून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को सफल और सरल बनाएंगे !

पूरी शिद्दत के साथ हिम्मत जुटाएंगे,
हर मंजिल पर खुलकर मुस्कुराएंगे,
चैन और सुकून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को हसीन और खूबसूरत बनाएंगे!

स्वयं में भरपूर आत्मविश्वास जगायेंगे,
खुद को उच्च शिखर तक पहुंचाएंगे,
संपन्न और संपूर्ण होकर आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को बेहतरीन और श्रेष्ठ बनाएंगे!

गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,
खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,
प्रेम और जुनून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को सफल और सरल बनाएंगे !

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

Safalta jhak mar kr aayegi by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 सफलता झक मारकर आएगी बहुत संभव है कि तुम पर तुम्हारे अपने ही घर वाले सवाल उठाएं, मन की आवाज़

Teej by dr indu kumari

September 13, 2021

 तीज पावन है तीज त्योहार मनाऊं मैं लक्ष्मी घर आए दीप जलाऊं  मैं गौरी शिव के आराधना कर आऊं लम्बी

Ganeshotsow by da indu kumari

September 13, 2021

 गणेशोत्सव गणपति बप्पा विघ्न हरता कहलाते है गणेश महोत्सव पूजन कर मनाते है गणेश चतुर्थी पवित्र हिन्दू त्योहार है  श्रद्धा

Hum jooth nhi bolte by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 हम झूठ नहीं बोलते अजीब बात हैं ना! मुंह पर हम चोर को चोर, गुण्डे को गुण्डा और हत्यारे को

Badal rahi hai phir bhi duniya by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 बदल रही है फिर भी दुनिया दुनिया अक्सर खिलाफ रही है नये बदलाव के, नयी सोच को किया जाता रहा

Bahuto ko myassar nhi by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 बहुतों को मयस्सर नहीं सिर्फ थककर चूर  हो जाने पर ही नहीं या फिर कुदरत की रवायत निभाने  के लिए

Leave a Comment