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सुरम्य एवं सहज जीवन!

सुरम्य एवं सहज जीवन! गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,प्रेम और जुनून के …


सुरम्य एवं सहज जीवन!

डॉ. माध्वी बोरसे!

गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,
खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,
प्रेम और जुनून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को सफल और सरल बनाएंगे !

पूरी शिद्दत के साथ हिम्मत जुटाएंगे,
हर मंजिल पर खुलकर मुस्कुराएंगे,
चैन और सुकून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को हसीन और खूबसूरत बनाएंगे!

स्वयं में भरपूर आत्मविश्वास जगायेंगे,
खुद को उच्च शिखर तक पहुंचाएंगे,
संपन्न और संपूर्ण होकर आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को बेहतरीन और श्रेष्ठ बनाएंगे!

गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,
खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,
प्रेम और जुनून के साथ आगे बढ़ते हैं,
जिंदगी को सफल और सरल बनाएंगे !

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


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