सुनो दिकु…..
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
सुनो दिकु….. तुम हो तो जीवन की खूबसूरती हैतुम हो तो सांसो में ताजगी है तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरीतुम …
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
October 12, 2021
बस एक सवाल वैसे तो इस देश में काफी खराब हैं सड़कों के हालात, खराब सड़कों के कारण होती हैं
October 12, 2021
हमनें कब कहा….??? हमनें कब कहा…? ये हड्डियां कमज़ोर हो गई । लोगों नें बताया , हड्डियां बूढ़ी हो
October 12, 2021
विश्व डाक दिवस पर विशेष खतों की यादें अचानक एक दिन पुराने खत दिखे तो बीते दिनों की याद ताजा
October 8, 2021
शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति अगर तुम कहते हो कि ‘साहित्य रचना’ को मुक्त रखा जाए सर्वथा वर्तमान ‘सामाजिक-राजनैतिक सरोकारों’ से, सत्ता के
October 7, 2021
“मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था
October 7, 2021
हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना