Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prem Thakker

सुनो दिकु…..| suno diku…..(दिकु की दूरी )

सुनो दिकु….. तुम हो तो जीवन की खूबसूरती हैतुम हो तो सांसो में ताजगी है तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरीतुम …


सुनो दिकु…..

सुनो दिकु.....| suno diku.....

तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है

तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है

ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को

मेरी हर बात, हर हरकत में 
सिर्फ तुम्हारी ही बातमी है
अब तुम ही बताओ, 
क्या मुझ से दूर करने की यह कायनात की सोच, लाज़मी है?

प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये


Related Posts

हार कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

हार! बेहतर होने का अनुभव देती हैं,यह तो सीरीफ एक परिस्थिति है,सफलता का सबसे बड़ा रास्ता होती है,कुछ देर की

21 वीं सदी की नारी-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

21 वीं सदी की नारी! उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉपकरो परीक्षा की तैयारी,कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटोअपने घर की

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

आह्वान- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

आह्वान मद्यपान निषेध मेरे देश के नौजवानोंतू है मौजों की रवानीहै भारत माँ के लाल वेशकीमती तेरी जवानीमद्यपान नहीं जिन्दगानीबीड़ी

Leave a Comment