Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना हर बात सही नहीं हो सकती किसी की कभी भीलेकिन जो हमारे लिए सही …


सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र 'कबीर'
हर बात सही नहीं हो सकती

किसी की कभी भी
लेकिन जो हमारे लिए सही हो
कम से कम
उसका ही अनुसरण करना,
नहीं लगती ठीक अगर उनकी सलाह
तो भी सुन लेना थोड़ा धैर्य रखकर
कि अपने अनुभव के हिसाब से
बोलेंगे बुजुर्ग भी हमारे भले के लिए ही,
तो उनके बोलने से अपना
ईगो फिर क्यों हर्ट करना?

डांटते हैं हम अपने छोटे बच्चों को भी,
गलती बड़ी हो तो कर देते हैं
कई बार उनकी पिटाई भी,
लेकिन उसका मतलब यह तो नहीं
कि हम छोड़ देते हैं उनसे प्यार ही करना,
हम चाहे कितने भी बड़े और कामयाब
हो जाएं
बुजुर्गों के लिए तो रहेंगे हमेशा उनके बच्चे ही
तो फिर उनकी डांट से
क्यों इतना परहेज करना?

हमारे पालन पोषण से लेकर
हमारी पढ़ाई, नौकरी
या कोई काम धंधा जमाने तक वो करते हैं
सब कुछ अपनी हैसियत से बढ़कर ही,
दे देते हैं बेहिचक कुर्बानी हमारे लिए
अपनी सुख सुविधाओं की
जब भी उन्हें ऐसा पड़े करना,
कितनी गलत बात है कि
हममें से ज्यादातर लोग आत्मनिर्भर होने के बाद
छोड़ देते हैं अपने बुजुर्गों की बात पूछना,
परवाह करना, उनसे प्यार करना
और उनका आदर सम्मान करना।

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Ab aur na aise satao sanam

February 14, 2021

poem जब से तुझ से  जुड़ा  फूल सा खिल  गया  सूखे  मधुबन में जैसे   कँवल   खिल  गया अकेले  पन  में 

Achhe din

February 8, 2021

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित 

Sach pagli hme tumhi se pyar hai

February 8, 2021

 कविता जब देखता हूं जिधर  देखता हूं  दिख  जाती  हो मोटे मोटे किताबों के काले काले शब्दों में दिख जाती

Har vade par asha kiya na kro

February 8, 2021

 ग़ज़ल हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो पराधीन    होकर     जिया      ना     करो लगी है

Peele Peele phoolon me ab jakar gungunana hai

February 8, 2021

 ग़ज़ल पीले पीले फूलों में अब जाकर गुनगुनाना हैरोने वाले को हंसाना है सोने वाले को जगाना है समय के

Zindagi me mere aana tera

February 6, 2021

 ग़ज़ल  ज़िन्दगी में मेरे आना तेरा प्यार हर पल मेरा, निभाना तेरा भूल जाऊं मैं कैसे तुझको सनम प्यार गंगा

Leave a Comment