Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Veena_advani

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि …


सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार| Be careful people of all classes can be victims of honey trap
आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि भी सुविधा दी जाती है , जिसमें आप सभी अपने परिचितों से खेल से संबंधित चैट भी कर सकते हैं , परंतु ये क्या आनलाइन चैटिंग के अंतर्गत ये क्या हो रहा है ? सावधान ! सच सावधान जरा ध्यान दें आपके परिवार के सदस्यों पर जो आनलाईन गेम खेल रहे हैं । सिर्फ परिवार को ही नहीं अपितु हमारी सरकार को भी सतर्क रहने कि जरूरत है , आइए जानते हैं क्यों ? अपने ही रिश्तेदारों को जब आनलाईन गेम लुड्डो के प्रति जो बड़ती दिवानगी को देखा तो सोचा अरे एसा क्या है लुड्डो गेम में जो इतने अधिक लोग दीवाने हो रहे हैं , ना खाने का होंश‌ और ना ही मन एकाग्र बस मौका देख लग जाते लुड्डो गेम छुपा छुपा के मोबाइल में खेलने । यही अनुभव करने के लिए मैंने भी अपने मोबाइल में जब लुड्डो गेम डाउनलोड कर खेलना शुरू किया तो पाया की इसमें पूरी दुनिया मे से कोई भी आनलाईन आकर जुड़ कर गेम खेल‌ सकता है । साथ ही दो लोग भी एक साथ खेल सकते और चार लोग भी । जिसमें खेल के दौरान बीच-बीच में आप इमों देकर चिड़ा भी सकते हैं एक दूजे कि गोटियां काटो और इसी तरह कब समय कट जाता पता ही ना चलता मुझे तो चार लोगो संग खेलने में काफी आनंद आया आनंद तभी है जब चार लोग एक साथ मिलकर खेलें जो कि पूरे विश्व में से कहीं से भी जुड़े हों सब एक दूसरे से पूरी तरह से अंजान , यदि एक ही देश के हुए , तो भी अलग-अलग राज्यों से जुड़े अंजान । फिर एक बार दो लोगों वाला खेल खेलने का मन किया तो दो लोग जुड़कर हम खेलने लगे । चार लोगों के गेम में जुड़ इतना तो पता चल गया था की सामने खेलने वाला कोई स्त्री है या पुरुष है । वो भी सिर्फ नाम और लुड्डो अकाउंट कि डीपी का फोटो या स्टीकर फोटो देखकर । अभी खेलना चालु ही किया ही था कि चैटिंग बाक्स में हाए का संदेश आया , जवाब ना देने पर चाय का स्टीकर आदि आया । पहले नाम , फिर शहर और फिर क्या करती हो आदि सवालों कि झड़ी लगा दी गयी आखिर मैंने भी जवाब दिया सही-सही उसके बाद जो सवाल सुन मेरे चारों खाने चित्त हुए वो सवाल वाकई सावधान रहने के लिए ही जैसे मुझे सीख दे रहे थे यदि लड़की बता देती सब तो धीरे-धीरे उसके आंतरिक कपड़ो के नम्बर वगैरह पूछते , कुछ कहती भी हम शादीशुदा हैं जैसे कि अनुभव अनुसार बोली , तो बोलते अरे वाह हमें तो भाभीयों के साथ ही मजा आता कुछ लड़कियां तो गैम ही छोड़ देती या जो इच्छुक होते वो लगे रहते रात भर अय्याशी में । कुछ शादी शुदा जोड़े जो कि अपनी पत्नी या पति को धोखा देकर अपनी गेम अकाउंट की आई डी गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड को भेजते और किसी को शक भी ना हो गेम खेलने का बस बहाना करते । सिर्फ दो दिन के गेम में जाना कि पंद्रह साल के बच्चों से लेकर बड़े भी इस आनलाईन अय्याशी में विलुप्त होते जा रहे जिसके चलते कामुक प्रवत्ती अधिक उजागर होने पर बलात्कार कि संख्या में भी इज़ाफ़ा हो सकता है । साथ ही इस चैटिंग के दौरान ये भी सुविधा है कि जब तक गेम चालू है तब तक आप चैटिंग कर सकते गेम खत्म खुद ही पूरी चैट डिलीट हो जाएगी इसी बीच इंस्टाग्राम , फेसबुक आईडी , फोन नम्बर वगैरह-वगैरह का आदान प्रदान कर अश्लीलता की राह पर बड़ रहे आज के नौनिहाल , जवान शादीशुदा युवक यहां तक कि वरिष्ठ भी । एसे में सतर्क रहने की जरूरत है हम सभी को । गेम के खत्म होते ही चैट भी पूरी कि पूरी डिलीट हो जाने के कारण कोई भी सबूत किसी के भी खिलाफ नहीं रह जाता है , यदि फिर से किसी परिचित नवयुवाओं या लेला मजनू को अय्याशी करनी है अपने परिवार को धोखा देते हुए तो वापस लुडो कि आईडी से जुड़ कर अय्याशी कर लेते ताकि सांप भी मर जाए ओर लाठी भी ना टूटे । चलो ये तो हो गई कुछ नवयुवाओं के गलत चैट कि बात । जब इस प्लेटफार्म पर युवावर्ग एसी चैट कर रहे ओर सबूत भी शेष नहीं रह रहा तो जरा सोचिए भारत देश के अलावा कितने ही देश के लोग जुड़के खेल रहे हैं ओर यदि इसी दौरान कोई अवैधानिक तत्व , आतंकवाद या गैर कानूनी काम करने वाले जैसे कि तसकर , चोर आदि के लिए तो ये प्लेटफार्म एक मनपसंद जगह होगी जहां अपनी गुप्त बातों को एक दूजे से साझा भी कर लो ना कोई सबूत रहेगा और ना ही कुछ ओर । ओर तो ओर इससे अपने ही देश के खिलाफ बड़े षड़यंत्र भी रचे जा सकते हैं । तो हो जाईये सतर्क अपने परिवार , देश के प्रति अपनी वफादारी निभाने के लिए । अपने परिवार , देश को अंधेरे में रख कर कब तक कोई गौरख काम कर सकता है , परिवार को फरेब दे सकते पर उस ऊपर वाले को नहीं आपके कर्मों का खाता आपका परिवार नहीं बल्कि , आपके परिवार के सदस्यों को दिये जा रहे दर्द , फरेब को देते हुए आपके बुरे कर्मों पर उस ऊपर वाले कि नजर है जिसकी लाठी जिस दिन चली उस दिन खुद को धूमिल में मिला लिपटा पाएंगे आप । तो एसा कोई कार्य ना करें जो दलदल कि ओर आपको ले जा रहा हो । बस सावधान रहने में ही खुद कि भलाई है । हां एक विशेष बात , आप सामने वाले खिलाड़ी को यदि व्यक्तिगत जानते हैं तो कोई दिक्कत नहीं परंतु परिचित भी एसा या एसी नहीं हो जो आपके परिवार के रिश्तों में दरार डाले , परंतु यदि सामने वाला कोई अपरिचित है तो आप बन सकते हैं कभी भी हनी ट्रैप का शिकार जिससे लोग आपको ब्लैकमेल कर सकते ओर आप कि जिंदगी दर्द और शर्मिंदगी से भर जाएगी । आज अपने परिवार , देश से वफा निभाओ , खुशियां ही खुशियां पाओ । ना संभले समय रहते तो , लाठी के चोट पाकर दर्द की गूंज पूरी दुनिया में पाओ । सावधान हो जाओ ।

About author 

Veena adwani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

जिलियन हसलम : एक ब्रिटिश इंडियन महिला जो भारत को नहीं भूल सकती | jillian haslam

January 23, 2023

जिलियन हसलम : एक ब्रिटिश इंडियन महिला जो भारत को नहीं भूल सकती भारत की आजादी के बाद ज्यादातर अंग्रेज

सुपरहिट कन्हैयालाल: कर भला तो हो भला | Superhit Kanhaiyalal

January 19, 2023

सुपरहिट कन्हैयालाल: कर अच्छा तो हो अच्छा ओटीटी प्लेटफॉर्म एम एक्स प्लेयर पर ‘नाम था कन्हैयालाल’ नाम की एक डाक्यूमेंट्री

आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं।Where are the roots of disaster risk? Sprout somewhere.

January 19, 2023

आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं। अनियंत्रित शहरीकरण, भूकंपीय क्षेत्रों में निर्माण, तेजी से कटाव की गतिविधि ने इस

केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी

January 19, 2023

 केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी एक दशक से देश की सियासत में एक तरह की राजनीति

राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

January 19, 2023

राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग स्वतंत्र, कानून का पालन करने वाले संस्थान आवश्यक जांच और संतुलन सुनिश्चित

व्यक्त होना सीखें : प्यार हो या बात | Learn to Express: Love or Talk

January 19, 2023

व्यक्त होना सीखें : प्यार हो या बात, व्यक्त नहीं होंगी तो मूर्ख मानी जाएंगी हम सुनते आए हैं कि

PreviousNext

Leave a Comment