Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी

lekh, Nandkishor shah

सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी

सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी अगर आप विजेता बनना चाहते हैं, तो विजेताओं के साथ रहें। अगर आप …


सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी

अगर आप विजेता बनना चाहते हैं, तो विजेताओं के साथ रहें। अगर आप जीवन में बाज की तरह आसमान छूना चाहते हैं, तो आपको मुर्गों के साथ नहीं रहना चाहिए। जिन लोगों के साथ हम अपना समय बिताते हैं, वे हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव डालते हैं। हम जिन लोगों के साथ आदतन रहते हैं, वे हमारी 95% सफलता या असफलता को तय करते हैं। आप अपना जीवनसाथी भी सावधानी से चुनें। यही एक निर्णय आपके 90 प्रतिशत सुख या दुख का कारण होगा।

हमारी बातचीत के विषय, हमारा दृष्टिकोण, हमारी मानसिकता, यहाँ तक कि हमारी शब्दावली भी हमारे साथियों जैसी बन जाती है। इसलिए, जो माहौल आप चुनते हैं, उसके बारे में सावधान रहें, क्योंकि यह आपको अपने जैसा बना लेगा। आप जो मित्र चुनते हैं, उनके बारे में भी सतर्क रहें, क्योंकि आप भी उन्हीं जैसे बन जाएँगे। यदि आप 10 सफल लोगों के साथ रहते हैं तो 11 सफल व्यक्ति आप ही होंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपका दोस्त नशेड़ी है तो एक दिन आपको भी उसी रास्ते पर धकेल देगा। महात्मा गांधी ने ठीक ही कहा है कि “व्यक्ति अपने सोच से निर्मित प्राणी है। जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है।”

हम सभी जीवन में आसान काम करना चाहते हैं और न्यूनतम प्रतिरोध के मार्ग पर चलना चाहते हैं। सुख पाना और दुख से बचना हर इंसान के दो मुख्य लक्ष्य हैं। आपके ज्यादातर लक्ष्यों के पीछे भी इन्हीं दो में से एक कारण होगा। लेकिन दुख और सुख का अनुपात आपके जीवन में समान रहता है, बस समय का अंतर होता है। सफल व्यक्ति शुरुआत में कष्ट उठाता है और बाद में सुख से रहता है। असफल व्यक्ति शुरुआत में सुख से रहता है और बाद में कष्ट उठाता है। जो कम हासिल करना चाहता है, उसे कम त्याग करना पड़ता है, जो ज्यादा हासिल करना चाहता है, उसे ज़्यादा त्याग करना पड़ता है।

About author

डॉ. नन्दकिशोर साह

डॉ. नन्दकिशोर साह
ईमेल- nandkishorsah59@gmail.com


Related Posts

आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं।Where are the roots of disaster risk? Sprout somewhere.

January 19, 2023

आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं। अनियंत्रित शहरीकरण, भूकंपीय क्षेत्रों में निर्माण, तेजी से कटाव की गतिविधि ने इस

केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी

January 19, 2023

 केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिसता आम आदमी एक दशक से देश की सियासत में एक तरह की राजनीति

राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

January 19, 2023

राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग स्वतंत्र, कानून का पालन करने वाले संस्थान आवश्यक जांच और संतुलन सुनिश्चित

व्यक्त होना सीखें : प्यार हो या बात | Learn to Express: Love or Talk

January 19, 2023

व्यक्त होना सीखें : प्यार हो या बात, व्यक्त नहीं होंगी तो मूर्ख मानी जाएंगी हम सुनते आए हैं कि

beti par lekh| बेटी पर लेख

January 19, 2023

मुझे मेरी बेटी पर गर्व है बेटियां मां लक्ष्मी सरस्वती का स्वरूप है आओ समाज में फैली कुरीतियों से बेटियों

सुख़ दुख़ दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव

January 19, 2023

सुख़ दुख़ दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव सुख़ दुख़ तो अतिथि हैं, बारी-बारी से आएंगे चले जाएंगे –

PreviousNext

Leave a Comment