Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

सात सुरों से भर दो | saat suron se bhar do kavita

सात सुरों से भर दो सात सुरों से भर दो बेरंग सी हुई मेरी दर्द-ए जिंदगी में, रंग भर दो …


सात सुरों से भर दो

सात सुरों से भर दो
सात सुरों से भर दो

बेरंग सी हुई मेरी दर्द-ए जिंदगी में, रंग भर दो तुम।
जो खुशी मिली न मुझको उस खुशी से मुझे भर दो तुम।।

गुस्ताखी हो गई मुझसे, मोहब्बत कर बैठी हूं तुझसे
गुस्ताखी को नाम दे मेरी, मेरे हर एक ग़म, हर दो तुम।।

न चाह कर, भी तेरी ओर क्यों खींचे चले आए हम
उम्मीद भरे मेरे दामन को, अपना नाम दे कर भर दो तुम।।

हम तो कह दिये अपने दिल मे जो ख्वाहिश दबाए थे।
मेरे अरमान से भरी इस ख़्वाहिश, साकार कर दो तुम।।

मेरे घायल, दिल की पायल, की खनक अब न आती
मेरे दिल की पायल, अपने नाम कि खनक से भर दो तुम।।

चमक संग दमकता था मोहब्बत से कभी मेरा, ये चेहरा
मेरे चेहरे के नूर से, खोई चमक मे वही, चमक भर दो तुम।।

वो भी क्या दिन थे, जब वीणा का नाम सुरमई सा था
खोए वीणा नाम के, हर तारों को सात सुर, भर दो तुम।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

Related Posts

श्रद्धांजलि-नंदिनी लहेजा

December 10, 2021

श्रद्धांजलि नम हैं हिंदुस्तान आज , जो खोया वीर सपूत।जीवन साथी संग उनके,जाबांज़ वीर भी, क्षति हुई अभूत।इक ज़लज़ला आया

अपना एक घर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

अपना एक घर बहुत आलीशान न भी हो,मामूली-सी छत के नीचे होचाहे साधारण सा एक कमरा,घांस-फूस से बनी झोंपड़ी होअथवा

सोच में अंतर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

सोच में अंतर जितना कर सकते थे, उससे कहीं ज्यादा बढ़करकरते हैं मां – बापअपनी औलाद के लिए मगर शिकायत

हत्याओं का वर्गीकरण- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

हत्याओं का वर्गीकरण दुनिया के बहुत से देशों में सत्ता धारियों की नीतियों केविरोध में उभरी आवाजों की हत्याएं,उस देश

निडर बनो-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

निडर बनो! चुनौतियों का सामना करते हैं,सच्चाई के लिए लड़ते हैं,इंसानियत पर डट कर चलते हैंचलो निडर बनते हैं! आंसुओं

मां भारती का लाल-हेमलता दाहिया…

December 10, 2021

“मां भारती का लाल” था वीर पुत्र वो बलिदानी,देता दुश्मनों को ललकार.मुख मंडल में तेज सूर्य,आंखो में ज्वाला अंगार .रग-रग

Leave a Comment