Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

सर झुकाते हैं..| deshbhakti kavita

 सर झुकाते हैं.. देश के वीरों तुम्हारे सामने नतमस्त हम हैंदे दी आहूति तन की जिसने दिव्य है पावन अमर …


 सर झुकाते हैं..

सर झुकाते हैं..| deshbhakti kavita

देश के वीरों तुम्हारे सामने नतमस्त हम हैं
दे दी आहूति तन की जिसने दिव्य है पावन अमर है
सरहदों पर जब भी छाई युद्ध की काली घटाएं
अग्नि के आगे तुम्हारी नमन करता दिवाकर है !
आस्मां भी घुटनों पे आ जिनके समक्ष नतमस्त होता,
और दिशा मदमस्त हों जिनको विजय के हार डाले,
सर झुकाते हैं उन्हें जिनकी अदम्य शौर्य गाथा,
मांएं सुना बच्चों को देश पे कुर्बान होना हैं सिखाएं !!

देखकर लिपटा हुआ तुमको तिरंगे में पिता ने,
सह लिया हर दर्द हंसकर ना कोई आंसू बहाए,
घुट्टी में ही देशभक्ति जिसने पिलाई अपने हाथों,
गोद में रख चूमती माथा वो सीने को फुलाए,
सर झुकाता हूं मैं बचपन की सभी उन लोरियों को,
स्वप्न में भी ह्रदय में जो देशभक्ति ही जगाएं !
सर झुकाते हैं ….

इस आस में कि आओगे राखी पे तुम बहना से मिलने
रेशमी धागों की हाथों से वो राखी बुन रही है
पर उलझ ना जाए हाथों में वो धागे तोड़ दी थी,
सरहदों पे जबसे है तनाव वो ये सुन रही है।
अनुज को जिस कांधे पे बैठा के मेला था घुमाया
वो ही गौरव उठा कुल का कांधे पे वादा निभाए !!
सर झुकाते हैं ….

वो मौहब्बत जो शुरू से ही तुम्हारी थी दीवानी
अग्निशिखा में लोहड़ी की ली थी कसमें सो निभानी,
जानती थी प्रेम पहला उसका दूजा है तुम्हारा,
दे दी विदा आंचल समेटे जीती जागती इक निशानी,
धन्य है उर्मिला इस युग की जो कर्त्तव्य पथ पर
कुटुंब के दायित्व को पूजा समझकर जो निभाए !
सर झुकाते हैं ….

मां भारती पर जब भी नज़रें कोई दहशतगर्द उठाए,
जिंदा ना जाए यहां से चाहे कितने कसाब आए,
मृत्यु की आंखों में आंखें डालकर हम देखते हैं,
किसकी जुर्रत इस धरा पर इक अंश भी कब्ज़ा जमाए !
कश्मीर से कन्याकुमारी तक अभिन्न है एक भारत,
संभव हुआ है सैनिकों ने इसके लिए जब दी शहादत !
सर झुकाते हैं ….

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

poem- phul sa jis ko mai samjha

November 15, 2020

 poem- phul sa jis ko mai samjha    तुमको चाहा तुमको पायातुमको मैंने खो दियाजब भी तेरी याद आईसीपी शायर

Aye dil aao tumhe marham lga du

July 16, 2020

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है एक खूबसूरत रचना Aye dil aao tumhe marham lga du. तो पढिए और आनंद

Previous

Leave a Comment