Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

सरकार का चरित्र

एक ओर सरकार कहती है— स्वदेशी अपनाओ अपनेपन की राह पकड़ो पर दूसरी ओर कोर्ट की चौखट पर बैठी विदेशी …


एक ओर सरकार कहती है—
स्वदेशी अपनाओ
अपनेपन की राह पकड़ो
पर दूसरी ओर
कोर्ट की चौखट पर बैठी
विदेशी भाषा—अंग्रेज़ी।

सिविल सेवा की सीढ़ियों पर
राज करती वही ज़ुबान
हर राज्य तक
लोहे की जंजीर-सी फैली है अंग्रेज़ी।

सरकार के मंत्री और अधिकारी
जैसे दर्पण में अपना ही चेहरा भूलकर
अंग्रेज़ी का मुखौटा ओढ़े बोलते हैं।

रोज़गार की कुंजी भी
इसी भाषा के ताले में क़ैद
विश्वविद्यालय की सूचनाएँ
मानो विदेशी दरबार के फरमान।

अब आप ही बताओ—
सरकार का चरित्र कैसा है?
कौन है जो जनता को
मृगमरीचिका दिखाकर बहला रहा है?
कौन है जो
कुतर्क के हथियारों से
अपने ही लोगों को मूर्ख बना रहा है?

-प्रतीक झा ‘ओप्पी’
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज
Kvpprateekjha@gmail.com


Related Posts

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम

Leave a Comment