Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

सम्मान का बोझ- जयश्री बिरमी

 सम्मान का बोझ  कहीं पढ़ा था की लड़कियों का आत्मसम्मान बढ़ाओ शादी की उम्र नहीं,सही बात हैं,लड़कियों को सम्मान मिलना …


 सम्मान का बोझ

सम्मान का बोझ- जयश्री बिरमी कहीं पढ़ा था की लड़कियों का आत्मसम्मान बढ़ाओ शादी की उम्र नहीं,सही बात हैं,लड़कियों को सम्मान मिलना बहुत जरूरी हैं जैसे हर एक को जरूरी हैं,चाहे वह मर्द हो,लड़की हो या बच्चा हो।आत्मसम्मान से मानसिक हौंसला बढ़ता हैं,अपने आप पर विश्वास का बढ़ जाता  हैं।जितना आत्मवश्वास हैं अपने में उतना ही विश्वास पूर्वक कार्य कर पाएगा, वह चाहे बच्चा ही क्यों न हो!वर्ग में पढ़ते विद्यार्थी की कहानी सभी ने सुनी होगी,जिसमे बहुत ही होशियार लड़का था,जब शिक्षक के प्रश्नों का जवाब देता था तो सभी बच्चे  ही सन्न्न रह जाते थे,बिना एक शब्द भूले वह जवाब देता था।दूसरा एक लड़का था वह उससे थोड़ा कम होशियार था वह सोचता था कि इसे कैसे पीछे पछाड़ कर वह आगे निकल जाएं।और एकदीन उसने देखा कि वो लड़का अपनी कमीज की बटन को पकड़ कर उस से खेलता खेलता जवाब देता था और वह शायद उसकी कमजोरी को समझ गया था और दूसरे दिन किसी तरह उसकी कमीज का वही बटन काट दिया।जब वह जवाब देने के लिए उठा और शिक्षक की ओर देख जैसे ही बोलना शुरू किया, वह सिर्फ एक ही वाक्य बोल पाया और उसका बटन छूने के लिए हाथ कमीज के वह हिस्सा जहां से वह बटन को छूता था वह पहुंचा तो बटन हाथ में नहीं आया और वह हड़बड़ा गया और बिना कुछ बोले ही बैठ गया।शिक्षक थोड़ा हैरान तो हुआ लेकिन दूसरे लड़के को जवाब देने के लिए बोला ,उसने जवाब दे दिया।बात सिर्फ बटन की या उसके टूटने की नहीं थी, आत्मविश्वास के टूटने की थी।वह टूट गया था इसलिए वह जवाब ही नहीं दे पाया ।

ऐसे ही बनता बिगड़ता हैं आत्मविश्वास।

 ये तो हुई बच्चों की बात लेकिन बड़ों को भी ऐसे ही हतोत्साह कर के लोग उनको नाकामयाब बनाने की कोशिश करने वालें  बहुत लोग होते हैं दुनियां में,जो दूसरे की तरक्की देख ईर्षावश ऐसे कार्य कर जाते हैं जिससे दूसरे के आत्मसम्मान को क्षति पहुंचाके अपनी तरक्की के लिए दांव पेच चलाते और एक कामयाब बंदे को नाकामयाबी की और धकेल देते हैं।

 ऐसे ही लड़कियों या स्त्रियों के साथ भी होता हैं,लेकिन यहां थोड़ी दुविधा हैं लड़कियों को अपने स्त्री आत्मसम्मान की रक्षा करने के बाद अपने विश्वास को संयत रखना पड़ता हैं।एक पुरुष के साथ यही बात अलग तरीके से होती हैं,वे ईगो से ग्रस्त होते हैं जब कि लड़कियां या स्त्रियां अपने स्त्रीत्व का रक्षण करते हुए आत्मविशास  को बढ़ाना जरूरी बनता हैं।ना कि अपने स्त्रीत्व को हथियार बना कर कोई भी जगह या बढ़ती को फतह करने बात एक भौतिक प्राप्ति हैं जो अपने गौरव,आत्मसम्मान की कीमत पर जो भी पा लेती हैं वह सिर्फ प्राप्ति हैं जिस के एवज में उसे बहुत कुछ खोना पड़ता हैं।अपनी व्यवसायिक जगह पर कोई भी मर्द हो वह सिर्फ अपने मतलब से ही आपको मदद करेगा कोई भी निस्वार्थ भाव से मदद नहीं करता तो बढ़ती या तखवाह में इजाफा किस कीमत पर मिलता हैं ये एक जमीर को मारके मिली प्रगति हैं।छोटे छोटे कपड़े पहनना,अपने अंगोपांग का प्रदर्शन करना ये सब तरकीबों से प्राप्त बढ़ती  की कीमत जरूर होगी लेकिन  कोई मूल्य नहीं हैं।

 ये नहीं कि आप फैशन नहीं करे लेकिन उसका स्तर गौरवान्वित हो ये सदा ही खयाल रखना चाहिए। मान,सम्मान पाने के लिए एक योग्यता का होना बहुत जरूरी हैं।गौरव और गरिमा को साथ ले अपने दफ्तर,विद्यालय आदि में कार्यरत महिलाओं का वर्तन होना अति आवश्यक हैं।इस तरह से सकारात्मक आत्मविश्वास आने से जीवन आसान और सरल बन जाता हैं।वर्किंग प्लेस पर भी मान सम्मान बढ़ता हैं।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

कॉर्पोरेट में महिलाएं!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 26, 2022

कॉर्पोरेट में महिलाएं! हमारी काल्पनिक कथाओं ने बताया कि महिला अपने दस हाथों से परिवार का नेतृत्व करती है। दो

अनुभव का खजाना…-तमन्ना मतलानी

March 26, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात अनुभव का खजाना… हम अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं। इन

अधूरी कहानी के कोरे पन्ने (hindi kahani) -जयश्री बिरमी

March 25, 2022

अधूरी कहानी के कोरे पन्ने (hindi kahani)   अति सुंदर मीना परिवार में सब को ही बहुत प्यारी थी।बचपन से उसके

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

जब वक्त थम सा गया-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

जब वक्त थम सा गया एक बार ही मिली नजरें तो दिल उसी पर आ गयामिलने के लिए उसी से

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च 2022 – न्यायसंगत डिजिटल फाइनेंस

March 25, 2022

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च 2022 – न्यायसंगत डिजिटल फाइनेंस उपभोक्ताओं में जागरूकता सृजित करने 14 से 20 मार्च

Leave a Comment