Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

समस्त रक्तदान दाताओं

समस्त रक्तदान दाताओं देख रही आज मानव सेवा चैन के जरिएएक-एक रक्त की बूंद को तरसे लोगअपनों के जान बचाने …


समस्त रक्तदान दाताओं

वीना आडवाणी तन्वी नागपुर, महाराष्ट्र

देख रही आज मानव सेवा चैन के जरिए
एक-एक रक्त की बूंद को तरसे लोग
अपनों के जान बचाने के लिए दौड़ लगाए
कितने असहाय तड़पे लोग।।

तब देखा , समझा कितना रिश्ता किमती होता
जिन अपनों से उम्मीद लगाए वो ही बरसे लोग
सौ में से कुछ अपने आगे आए आंसूं बरसे वियोग
तब देखा कुछ अपरिचित मानव श्रृंखला को
जो लगे सेवा में और सेवा के पुण्य का करते भोग।।

एसे लोगों को कर्मवीर नाम जड़ते लोग
ये इतिहास के पन्नों पर नाम गड़ते लोग
समझो जानो मानव सेवा को सभी मिल
परमानंद मिले सेवा में जिससे झोली भरते लोग।

देश के कर्मवीर कर रहे रक्तदान
किसी को नवजीवन मिले
यही तो हे पुण्य काम।।
नि: स्वार्थ भाग रहे मिल सब
बढ़ाए पुण्य खाता अपने नाम ।।
सफल जाएगी ये सेवा जरूर
मिलेगा पुण्य नगरी का ही धाम।।
मानुष जीवन सफल है उसका
जो जीवन सेवा कर करे दूजों के नाम ।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

जीवन जीने की कला| jeevan jeene ki kala

February 9, 2023

जीवन जीने की कला। जीवन जीने की कला,जिसने सीखी, वही आगे चला,उत्कृष्ट व्यवहार एवं विनम्रता,रखने वाला ही जीवन को सही

कविता –यादो का दुशाला | yadon ka dushala

February 8, 2023

कविता -यादो का दुशाला अद्भुत और अनोखा है ..तुम्हारी यादों का दुशाला, हमेशा टंगा रहता है कांधे पर, ठंड लगती

Bharat desh par kavita

February 7, 2023

कविता भारत देश महान, मेरी आन बान शान भारत देश महान, मेरी आन बान शानधर्मनिरपेक्षता हैं, भारत की पहचानहर धर्म

मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप| maa laxmi ke ast swaroop

February 7, 2023

कविता मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के अष्ट स्वरूपों का वर्णन है

एक नया भारत बनाना है | ek naya bharat banana hai

February 5, 2023

भावनानी के भाव एक नया भारत बनाना है इसानियत को जाहिर कर स्वार्थ को मिटाना हैबस यह बातें दिल में

Kasam kavita| कसम कविता

February 4, 2023

कसम कोई कहे कसम मुझे,कोई कहता हैं वादा।कोई कहता मुझे वचन,पर न हर कोई, मुझे निभाता।मैं प्रण हूँ,मैं हूँ शपथ।मैं

PreviousNext

Leave a Comment