Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र ‘कबीर’

सबसे ख़तरनाक जहर वो बहुत अच्छे से जानते हैंकि जहर की कितनी मात्रा रोज देने सेमर जाती हैं एक इंसान …


सबसे ख़तरनाक जहर

सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र 'कबीर'
वो बहुत अच्छे से जानते हैं
कि जहर की कितनी मात्रा रोज देने से
मर जाती हैं एक इंसान की संवेदनाएं
दूसरे इंसानों के लिए,
कितनी मात्रा का सेवन कर इंसान
घृणा एवं नफरत में अंधा हो
खुद को समझने लगता है श्रेष्ठ
और दूसरे समुदाय के लोगों को
कीड़े-मकोड़ों से भी बदतर,
वो बहुत अच्छे से जानते हैं
कि जहर की कितनी मात्रा पर्याप्त होगी
इंसान की विद्या-बुद्दि एवं तर्क-शक्ति नष्ट करके
उसे आत्मघात की अवस्था में पहुंचाने के लिए,
कितने समय तक जहर देने से
वो पैदा कर देंगे किसी इंसान में
दूसरे लोगों को नृशंसता से हत्या कर
इतिहास में सदा के लिए अमर होने
या फिर जन्नत, स्वर्ग अथवा हैवेन
में जगह पाने का लालच और जुनून,
वो बहुत अच्छे से जानते हैं

कि इस तरह बचपन से ही थोड़ा-थोड़ा
जहर देते रहने से वो तैयार कर लेंगे एक दिन
विष-मानवों की एक सेना,
जिनके लिए मायने नहीं रखेगा
शिक्षा, स्वास्थ्य, रहन-सहन, रोजगार
और कला का अच्छा स्तर,
अपने आकाओं के पक्ष में वो सेना
टूट पड़ेगी भूखे भेड़ियों की तरह
हर उस इंसान पर
जो विश्व शांति की बात करेगा,
जो इंसान-इंसान में नफरत और
भेदभाव मिटाने की बात करेगा,
जो आपसी प्रेम और भाईचारे की
बात करेगा,
जो तरक्की, खुशहाली, न्याय,
जनहितकारी कानून, शिक्षा और
विकास की बात करेगा,
दुनिया के बाकी जहर एक बार में मारते हैं

कुछ इंसानों को एक बार में
लेकिन यह जहर मानसिक गुलाम बनाकर
रोज थोड़ा-थोड़ा करके इंसानों के अंदर से उनकी
इंसानियत को खत्म करेगा,
तब पेट की भूख और जिस्म की हवस के आगे
ऐसे गुलामों को कुछ नहीं दिखेगा,
बदल देंगे वो इस दुनिया को
एक ऐसे खतरनाक जंगल में
जिसमें केवल नरभक्षियों का राज चलेगा।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

Shikshak Teri kahani by dr indu kumari

September 9, 2021

 शिक्षक तेरी कहानी गुरू का दर्जा सबसे ऊंचा कहलाते हैं राष्ट्र निर्माता   शिष्योंके हैं भाग्य विधाता उनके शरण में

Shikshak divas vishesh kavita mere guruji by dr. Kamlendra kumar

September 4, 2021

 शिक्षक दिवस पर विशेष कविता           मेरे गुरुजी  आँखों मे चश्मा चमक रहा, है गेहुंआ रंग ।

Sukhi sansar by Sudhir Srivastava

September 4, 2021

 सुखी संसार किसी का कभी भी सुखी संसार नहीं होता, क्योंकि किसी के मन में ऐसा विचार जो नहीं होता।

Dosharopan by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 दोषारोपण नसीब और भगवान ( चाहे होते हों या नहीं ) कोई बड़ा प्रयास करने में, संघर्ष के कष्टदायक दिनों

Hamare samaj ki bhedchal by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 हमारे समाज की भेड़चाल ज्यादातर अमीर और प्रभावशाली लोग अपनी धन-संपत्ति, ऐश्वर्य-विलासिता कामयाबी, सत्ता, मशहूरी के छिन जाने की आशंका

Kamkaji mahilaon ki trasdi by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 कामकाजी महिलाओं की त्रासदी कामकाजी महिलाएं   पिसती हैं प्रतिदिन  घर की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच, घर के कामों को 

Leave a Comment