Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

सफर-डॉ. माध्वी बोरसे!

सफर! बहुत समय से बैठे हैं, घर के अंदर, चलो करें, शुरू एक नया सफर,घूमे गांव और अलग-अलग शहर,महसूस करें, …


सफर!

सफर-डॉ. माध्वी बोरसे!
बहुत समय से बैठे हैं, घर के अंदर,

चलो करें, शुरू एक नया सफर,
घूमे गांव और अलग-अलग शहर,
महसूस करें, पर्वत और समुंदर की लहर!

करें यात्रा रेलगाड़ी, विमान और जहाज पर,
लगाए एक बार, इस प्यारी सी दुनिया का चक्कर,
चलो होकर आए, अपनों के घर,
हां जी, आज और अभी हि है, सही अवसर!

छोड़ आए कई स्थानों पर अपना असर,
कुछ समय के लिए, ऊपर वाले पर हो जाए निर्भर,
कभी समेटे स्वयं को, कभी जाए हवा में बिखर,
छू ले यात्रा मैं हर एक, उच्च शिखर!

आए अत्यंत सुंदर जगहों को घूमकर,
अपने दर्द और तनाव को पूर्ण रूप से भूलकर,
सब से कुछ नया, कुछ अलग सीख कर,
हर यात्रा में बनते चले, एक इंसान बेहतर!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

कभी नाराज ना होना

August 14, 2023

कभी नाराज ना होना जग रूठै तो रूठने दे,पर तुम नाराज न होना।जो चाहो कहना महबूब,पर तुम नाराज न होना।।

चलो मिलकर तिरंगा फहराएं

August 14, 2023

चलो मिलकर तिरंगा फहराएं 15 अगस्त का दिन है आया,देश प्रेम ह्रदय में भरमाया।भूलें जाती धर्म का भेद ,क्यों न

मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य पर कविता

August 14, 2023

मणिपुर की अमानवीय कुकृत्य ने जन मानस को झकझोर कर रख दिया है। इसकी जितनी निंदा कठोर से कठोरतम शब्दों

सुंदरता-कविता। Sundarta par kavita

August 13, 2023

सुंदरता सुंदरता की रूप है नारी.इसीलिए तो सबकी प्यारी.बोली इनकी मीठी न्यारी.पर जाती है सब पर भारी.कठिनाईयों से कभी न

हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं

August 13, 2023

भावनानी के भाव हम भारतीय संस्कृति से बहुत प्यार करते हैं सबको प्यार का मीठा प्यारा माता पिताराष्ट्र की सेवा

मोम सा दिल | mom sa dil

August 11, 2023

मोम सा दिल सुनो दिकु……चोटें तो बहोत लगी इस सफर मेंपर दर्द का कभी एहसास ना हुआ चाहनेवाले बहोत मिले

PreviousNext

Leave a Comment