Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, R.S.meena

सफर ए इश्क़- R.S.meena Indian

कविता – सफर ए इश्क़ जिस दिन होगी अपने प्यार की शुरुआत । उस दिन तुमसे,हम अपनी वफ़ा जता देंगे …


कविता – सफर ए इश्क़

सफर ए इश्क़- R.S.meena Indian
जिस दिन होगी अपने प्यार की शुरुआत ।

उस दिन तुमसे,हम अपनी वफ़ा जता देंगे ।।
मेरे दिल कितनी मोहब्बत हैं ये देख लेना ।
अपना दिल चीरकर हम तुम्हें बता भी देंगे ।

मेरे ख्वाबों में बस तू ही नजर आता हैं ।
सफ़र ए इश्क़ में मिलने जी चाहता हैं ।।
मेरी मोहब्बत को तुम क़बूल करना ।
तेरे संग जिंदगी जीने को जी चाहता हैं ।।

ये चाँद सितारे भी होंगे तेरी झोली में ।
कितनी मिठास हैं ये जो तेरी बोली में ।।
हम मोहब्बत का इम्तिहान भी देंगे ।
दुल्हन बनके आये तू जो मेरी खोली में ।।

मोहब्बत रंग लायेगी यहाँ हमारे प्यार में ।
मान भी जाओ कुछ नहीं तेरे इनकार में ।।
“स्वरूप” अभी भी हैं तेरे इंतजार में ।
सारी खुशियाँ मिल जाएंगी तेरे इकरार में ।।

R.S.meena Indian


Related Posts

एक बात सुनो -चन्दानीता रावत

February 3, 2022

एक बात सुनो  सुनो सुनो एक बात सुनो अन्धेर नगरी चौपट राजा की बहरे राज्य सरकार कीदिन रात एक कर

यादों का सिलसिला- डॉ इंदु कुमारी

February 3, 2022

यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से-विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

ऊँचा हो गया कद लोगों का जमींन से ऊँचा हो गया कद लोगों का जमीन सेसुना है जमीनें बंजर पड़ी

Leave a Comment